अपनी अनुशासित कार्यशैली और चाल-चरित्र-चेहरा का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी के पूर्णिया जिला कार्यालय से एक ऐसी शर्मनाक तस्वीर सामने आई, जिसने पार्टी की साख पर गहरा दाग लगा दिया।
भाजपा कार्यालय में होली के एक दिन पूर्व आयोजित होली मिलन समारोह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होकर चर्चा में आ गया। भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने इस पर संज्ञान लेते हुए जिलाध्यक्ष मनोज सिंह को पद से मुक्त कर दिया। उनके स्थान पर जिला महामंत्री संजीव सिंह को तत्काल प्रभाव से पूर्णिया भाजपा का कार्यकारी जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि भाजपा कार्यालय के भीतर अश्लील गानों पर जश्न मनाया जा रहा था। विडंबना यह है कि जिस जगह यह फूहड़ प्रदर्शन हो रहा था, ठीक वहीं भाजपा के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय का छायाचित्र लगा हुआ था। महापुरुषों की तस्वीरों के सामने इस तरह का अमर्यादित आचरण और फूहड़ गानों पर डांस पार्टी की वैचारिक गरिमा को तार-तार कर रहा था।
पार्टी के भीतर और बाहर भारी आक्रोश
वीडियो का सबसे आपत्तिजनक हिस्सा वह है, जहां एक महिला नेत्री जिलाध्यक्ष मनोज सिंह के साथ फोटो खिंचवाने पहुंचती हैं। फोटो खिंचवाने के दौरान जिलाध्यक्ष अपना आपा खो देते हैं और महिला नेत्री को जबरदस्ती पकड़कर अपने पास खींच लेते हैं। महिला नेत्री खुद को बचाने और दूर हटने की कोशिश करती नजर आती हैं, लेकिन जिलाध्यक्ष उन्हें अपने चंगुल में लेकर बेरहमी से जबरन अबीर-गुलाल लगाने लगते हैं। सार्वजनिक रूप से किसी महिला कार्यकर्ता के साथ किया गया यह व्यवहार पार्टी के भीतर और बाहर भारी आक्रोश का कारण बन गया।
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भाजपा ने आधिकारिक पत्र जारी कर कार्रवाई की पुष्टि की
कार्यकर्ताओं का मानना है कि जो दल ‘बेटी बचाओ’ का नारा देता है, उसके जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति का अपनी ही महिला कार्यकर्ता के साथ ऐसा व्यवहार बर्दाश्त के बाहर है। मामले की गंभीरता और चौतरफा घिरने के बाद भाजपा प्रदेश मुख्यालय प्रभारी अरविंद शर्मा ने आधिकारिक पत्र जारी कर मनोज सिंह पर कार्रवाई की पुष्टि की।
पत्र के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशानुसार संजीव सिंह को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। नवनियुक्त कार्यकारी जिलाध्यक्ष संजीव सिंह के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती जिले में पार्टी की धूमिल हुई छवि को सुधारना और बिखरे हुए कार्यकर्ताओं को फिर से एकजुट करना है। प्रदेश नेतृत्व ने यह संदेश साफ कर दिया है कि अनुशासनहीनता और महिला सम्मान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी पदाधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
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