पूर्णिया जिले में औराही पंचायत के उपमुखिया और वर्तमान प्रभारी मुखिया तपेश पाठक के अचानक लापता होने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। वह शुक्रवार शाम करीब सात बजे सदर थाना क्षेत्र के रामबाग से गायब हो गए। अगस्त 2025 में मुखिया तिलिया देवी के निधन के बाद तपेश पाठक को प्रभारी मुखिया की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। परिजनों ने उनकी गुमशुदगी पर गंभीर चिंता जताते हुए अपहरण की आशंका व्यक्त की है। उन्होंने स्थानीय थाना और पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर आठ लोगों पर सीधे अपहरण का आरोप लगाया है। आवेदन के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परिजनों के अनुसार, तपेश पाठक रामबाग में एक रिश्तेदार के घर ठहरे थे। वह किसी परिजन का इलाज कराने पूर्णिया आए थे। शाम को वह दूध लेने बाहर निकले, लेकिन वापस नहीं लौटे। उनके पास उनकी पत्नी का मोबाइल फोन था, जो शुक्रवार रात से ही स्विच ऑफ है। परिजनों ने यह भी बताया कि तपेश पाठक को कुछ समय पहले जान से मारने की धमकी मिली थी। यह धमकी एक ईंट-भट्ठा संचालन को लेकर उनकी आपत्ति के बाद दी गई थी।
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सदर थाना प्रभारी जमील अख्तर ने बताया कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस जांच में जुटी है। लेकिन जांच के दौरान एक नया तथ्य सामने आया है, जिसने पूरे मामले की दिशा बदल दी है। बीकोठी थानाध्यक्ष संजय कुमार ने पुष्टि की कि तपेश पाठक के खिलाफ बीकोठी थाना में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह इन मामलों में वांछित थे। पुलिस पहले से ही उनकी तलाश कर रही थी।
अब पुलिस यह जांच रही है कि उनका गायब होना किसी आपराधिक प्रतिशोध का नतीजा है या उन्होंने स्वयं किसी कारणवश छिपने का फैसला किया है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आवेदन और उपलब्ध तथ्यों के विस्तृत अध्ययन के बाद ही किसी ठोस निष्कर्ष या आगे की कार्रवाई पर पहुंचा जा सकेगा।
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