रेलवे की तरफ से शुरू की गई डो-टू-डोर लॉजिस्टिक सेवा के तहत कंटेनर लोड करते हुए वर्कर।
नार्दन रेलवे अब उद्यमियों को लॉजिस्टिक के लिए डोर-टू-डोर सर्विस देगा। पंजाब के उद्यमी लगातार रेलवे से डोर-टू-डोर लॉजिस्टिक सेवा शुरू करने की डिमांड कर रहे थे। रेलवे ने इसकी शुरुआत चावल शैलरों से की है। शैलरों से अच्छा रिस्पोंस मिल रहा है और अब रेलवे
डोर-टू-डोर सामान कलेक्ट करने के लिए रेलवे लॉजिस्टिक सेवा शुरू की है। अब अगर कोई उद्यमी अपना सामान भेजने के लिए कंटेनर कार्पोरेशन ऑफ इंडिया से रेलवे का कंटेनर बुक करता है तो रेलवे उसे लॉजिस्टिक सेवा भी दे सकती है। इस सेवा के तहत रेलवे की ट्रक उद्यमी के पास आएंगे और वहां से सामान लोड करके लाएं तथा उसे सीधा ट्रेन के कंटेनर में लोड कर देंगे।
डोर-टू-डोर लॉजिस्टिक सेवा से सामान सुरक्षित तरीके से रेलवे के पास पहुंचेगा और वहीं से सीधे ट्रेन के कंटेनर में रख दिया जाएगा। जैसे ही रेलवे के पास उद्यमियों की तरफ से डिमांड आएगी वैसे ही रेलवे अपना ट्रक भेजकर सामान मंगवा लेगा। उसके साथ ही सामान को आगे भेजने की व्यवस्था कर देगा।
रेलवे की तरफ से डोर टू डोर सर्विस के लिए हायर किए गए कंटेनर।
चावल शैलरों की थी डिमांड तो शुरू की सेवा
फिरोजपुर मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार ने मंडल की बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट को चावल शैलरों के साथ मीटिंग करने को कहा था। बैठक में उन्होंने अपने शैलरों से सीधे गंतव्य स्टेशन तक ‘डोर-टू-डोर’ सेवा की डिमांड की थी। रेलवे ने चावल शैलरों को कॉनकॉर तथा लॉजिस्टिक सर्विस उपलब्ध करवाई और चावल उनके शैलर से सीधे वहां पहुंचाए जहां वो चाहते थे।
अमृतसर व तरनतारन में दी जा रही है डोर-टू-डोर सर्विस
अमृतसर और तरन तारन के चावल उत्पादक क्षेत्रों से चावल उत्पादकों काे रेलवे की तरफ से यह सुविधा दी जा रही है। जिसका उन्हें काफी फायदा मिल रही है। सीनियर डीसीएम फ्रेट मनु गर्ग के प्रयासों से तरनतारन व अमृतसर के शैलरों को यह सुविधा मिल सकती है।
10 कंटेनर की डिमांड हुई जनरेट
रेल अधिकारियों का कहना है कि राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक सेठी समेत कई कंपनियों के प्रतिनिधियों से बैठक हुई। जिसमें 10 कन्टेनर बुक किए गए। ये सभी कन्टेनर चेन्नई भेजे जाने हैं। रेलवे उनके शैलर से माल उठाएगा और रेल के जरिए चेन्नई रेलवे स्टेशन पहुंचाएगा। उसके बाद रेलवे उस जगह तक भी सामन पहुंचाएगा जहां शैलरों ने भेजना था।
सड़क मार्ग से माल भेजने में रहता है रिस्क व्यापारियों ने बताया कि सड़क मार्ग से माल भेजने में न केवल समय अधिक लगता है, बल्कि परिवहन लागत, जोखिम तथा ट्रकों की उपलब्धता को लेकर भी अनिश्चितता रहती है। वहीं रेलमार्ग से होने वाला परिवहन अधिक विश्वसनीय, किफायती होने के साथ समय भी कम लगाता है। यह सुविधा शुरू करने से रेलवे को भी फायदा हो रहा है।
लुधियाना की इंडस्ट्री को मिलेगा फायदा
रेलवे के सीनियर डीसीएम फ्रेट मनु गर्ग का कहना है कि इस सेवा का सबसे ज्यादा फायदा लुधियाना व अन्य बड़े शहरों की इंडस्ट्री को भी मिल सकता है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री अगर डिमांड करती है तो उन्हें भी डोर टू डोर सर्विस रेलवे उपलब्ध करवाएगा।
रेलवे की ‘डोर-टू-डोर’ सुविधा से उद्योगों को कैसे मिलेगा फायदा
- ट्रकों की कमी या देरी का जोखिम खत्म
- परिवहन लागत में 20–30% तक बचत की संभावना
- माल की 24×7 ट्रैकिंग से पूरी सुरक्षा
- बड़े ऑर्डर समय पर डिलिवर होने की गारंटी
- एक्सपोर्ट यूनिट्स को लंबी दूरी के लिए सस्ता विकल्प
- औद्योगिक क्लस्टर्स को लॉजिस्टिक प्लानिंग में आसानी
- रेलमार्ग से माल भेजने पर सड़क जाम और खराब मौसम का असर नहीं
- बड़े कंटेनर से बल्क लोडिंग व अनलोडिंग आसान
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.