पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) चंडीगढ़ के छात्रों ने एक और बड़ा कमाल कर दिखाया है। कॉलेज के 15 विद्यार्थियों की टीम ने ऐसा रॉकेट तैयार किया है जो अमेरिका में होने वाले इंटरनेशनल रॉकेट इंजीनियरिंग कंपटीशन 2026 में तीन किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ेगा।
टीम ने इस रॉकेट का प्रारंभिक परीक्षण न्यू चंडीगढ़ में किया, जहां यह 500 मीटर की ऊंचाई तक गया। इसी प्रदर्शन के आधार पर पेक को इस प्रतिष्ठित वैश्विक प्रतियोगिता में प्रवेश मिला है।
एरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग के 15 छात्र इस रॉकेट को कार्बन फाइबर से तैयार कर रहे हैं जिसकी मैन्युफैक्चरिंग में करीब तीन महीने का समय लगेगा। टीम 15 दिसंबर को प्रतियोगिता के लिए प्रीलिमिनरी डिजाइन रिपोर्ट (पीडीआर) जमा करेगी जिसमें रॉकेट की तकनीकी खूबियों, क्षमता और परफॉर्मेंस का पूरा विवरण शामिल होगा।
कम लागत में तैयार किया हाई-परफॉर्मेंस मॉडल
छात्रों ने ट्रायल के लिए कम लागत वाला रॉकेट तैयार किया था। इसकी डिजाइन, परीक्षण और सिमुलेशन में एडवांस तकनीकों का उपयोग किया गया। टीम के मुताबिक आकार छोटा होने के बावजूद इसे प्रोफेशनल रॉकेट मॉडल की तरह बनाया गया है। इसमें सॉलिड रॉकेट मोटर का इस्तेमाल हुआ है जिसकी परफॉर्मेंस बाजार में उपलब्ध मोटर्स की तुलना में लगभग 95% तक सटीक मानी जा रही है।
चार साल की मेहनत के बाद मिली इंटरनेशनल एंट्री
पेक को इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका चार साल की लगातार मेहनत के बाद मिला है। पूरी दुनिया की टीमें इस चैलेंजिंग कंपटीशन में हिस्सा लेती हैं। पहला राउंड पास करने के बाद पेक का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। दूसरा राउंड, जिसकी आखिरी तारीख पहले 5 दिसंबर थी, अब बढ़ाकर 15 दिसंबर कर दी गई है। टीम के प्रमुख डॉ. राकेश कुमार के अनुसार डिजाइन पूरी तरह तैयार है और हमारी टीम प्रतियोगिता के लिए पूरी तरह तैयार है। हमें भरोसा है कि यह रॉकेट इंटरनेशनल लेवल पर शानदार प्रदर्शन करेगा।
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