पंजाब सरकार वित्त वर्ष 2026-27 में करीब 40 हजार करोड़ का कर्ज लेने की तैयारी में है, जो पिछले साल से करीब ढाई हजार करोड़ ज्यादा है। दूसरा, यह चुनावी साल भी है, लिहाजा लोगों को उम्मीद थी कि इस बजट में बड़ी सौगातों का पिटारा खुलेगा, मगर सरकार ने सधी और परिपक्व सियासत का परिचय देते हुए बहुत ही नियंत्रित बजट पेश किया है।
बजट का मुख्य फोकस साल 2022 में आप सरकार द्वारा अपने चुनावी घोषणापत्र में की गई सभी गारंटियों को पूरा करने पर था। नई गारंटियों और बड़ी सौगातों के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा।
अपने 2 घंटे 37 मिनट और 3 सेकंड के बजटीय भाषण में वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस चुनावी साल में बहुत ही धैर्य के साथ बजटीय प्रावधान कर सूबे को आर्थिक कुचक्र से मुक्त कराने का विजन पेश किया है। अर्थव्यवस्था को संतुलित रखने के लक्ष्य के साथ सरकार ने जहां अपने खास मिशनों से जुड़ी योजनाओं का बजट दो से चार गुना तक बढ़ाया है, वहीं समावेशी विकास के लिए विभिन्न योजनाओं के बजट में भी संतुलित बढ़ोतरी की है।
बजट में चल रहे कामों का ब्योरा दिया
सरकार ने बजट में चल रहे कामों का ब्योरा प्रस्तुत कर सियासी विरोधियों को यह दिखाने का प्रयास किया कि दावे नहीं, बल्कि किए काम मायने रखते हैं। साथ ही इन्हीं कामों को आगे जारी रखने के लिए एक रोडमैप भी प्रस्तुत किया। इन खास मिशन आधारित योजनाओं में रंगला पंजाब योजना, युद्ध नशेां विरुद्ध व खेलदा पंजाब-बदलदा पंजाब मुख्य रूप से शामिल हैं। रंगला पंजाब के दृष्टिकोण को मान सरकार ने अपनी नैतिक नींव से जोड़ दिया है।
वित्तमंत्री ने पंजाबियों के साथ-साथ अपने सियासी विरोधियों को यह भी बता दिया कि मावां-धीआं के सत्कार की गारंटी पूरी करने के बाद आप सरकार ने साल 2022 की अपनी सभी बड़ी गारंटियां पूरी कर दी हैं। रंगला पंजाब का बजट दोगुना और नगर विकास कोष का बजट चार गुना बढ़ाकर सरकार ने इस क्षेत्र में अपनी प्रतिबद्धता दर्शाई है। राइजिंग पंजाब-सुझाव से समाधान तक और भगवंत मान सरकार त्वाडे द्वार… जैसी योजनाओं को और मजबूती देकर सरकार ने उद्यमियों और आम जनता के प्रति अपनी सेवाओं संबंधी सकारात्मक सोच का परिचय दिया है।
साल 2025 में पंजाब सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा बाढ़ का दंश झेला। इस दौरान बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास के प्रति सरकार ने तत्परता से उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास किया है। पंजाब में औद्योगिक निवेश के लक्ष्य और भविष्य में इससे राजस्व की उम्मीदें सरकार को उत्साहित कर रही हैं।
विरोधियों को तुलनात्मक आंकड़ों से घेरा
बजट पेश करने के दौरान वित्तमंत्री चीमा प्रतिद्वंद्वियों को तुलनात्मक आंकड़ों से घेरने से नहीं चूके। उन्होंने विभिन्न मदों में यह बताने का प्रयास किया कि अकाली-भाजपा गठबंधन और कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कितना राजस्व आया था और उससे कहीं अधिक राजस्व आप सरकार ने अपने चार साल के कार्यकाल में अर्जित कर लिया है। चीमा ने कहा, विरोधी यह जान लें कि पंजाब का खजाना खाली नहीं है, बल्कि हरा-भरा है।
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