पंजाब विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है, जिसकी शुरुआत राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के अभिभाषण से होगी। अभिभाषण में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के चार साल के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख किया जाएगा, साथ ही आगामी वर्ष के लिए सरकार की योजनाओं और रोडमैप की झलक भी देखने को मिलेगी।
सत्र 16 मार्च तक चलेगा। इस दौरान सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्षी दल—कांग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल—भी सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी में हैं।
सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में शुक्रवार सुबह कैबिनेट बैठक बुलाई गई है। बैठक में पंजाब की नई औद्योगिक नीति समेत कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी जा सकती है। सरकार 13 से 15 मार्च तक ‘प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन’ आयोजित करने जा रही है, जिसमें देश-विदेश से निवेशकों के आने की संभावना है। ऐसे में सरकार सम्मेलन से पहले नई औद्योगिक नीति जारी करना चाहती है। यह नीति वर्ष 2022 के बाद पहली बार लाई जा रही है।
विधानसभा में सुबह 11 बजे राज्यपाल का अभिभाषण होगा। इसके बाद 7 मार्च को शनिवार के दिन अवकाश रहेगा। 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आप सरकार अपना पांचवां बजट पेश करेगी। माना जा रहा है कि इस बजट में महिलाओं के लिए विशेष घोषणाएं की जा सकती हैं।
9 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी, जबकि 10 और 11 मार्च को विधायकों द्वारा बजट पर चर्चा की जाएगी। 12 मार्च को वैधानिक कार्य निपटाए जाएंगे। 13 से 15 मार्च तक प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन के चलते सदन की कार्यवाही स्थगित रहेगी। 16 मार्च को सत्र के अंतिम दिन विभिन्न विधेयक विधानसभा में पेश किए जाएंगे।
अधूरे वादों और कानून-व्यवस्था पर कांग्रेस का प्रदर्शन
विधानसभा सत्र के दौरान पंजाब प्रदेश कांग्रेस ने भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक और नेता पंजाब भवन से विधानसभा तक रोष मार्च निकालेंगे।
कांग्रेस का कहना है कि वह सरकार को अधूरे चुनावी वादों, बढ़ते गैंगस्टरवाद और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेरने जा रही है। खासतौर पर महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये देने के वादे को लेकर कांग्रेस सरकार से जवाब मांगेगी। कांग्रेस का दावा है कि 2022 में किए गए इस वादे के आधार पर सरकार को प्रत्येक महिला को चार साल के 48 हजार रुपये देने चाहिए। विपक्ष कथित फर्जी मुठभेड़ों और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को भी सत्र के दौरान जोरदार तरीके से उठाने की तैयारी में है।
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