पंजाब यूनिवर्सिटी के शातिर प्रोफेसर बीबी गोयल ने अपनी ही पत्नी सीमा गोयल के पहले हाथ पांव बांधे, फिर उसे जला दिया। हत्या के चार साल तक वह पुलिस को गलत जानकारियां देता रहा। चार वर्ष की लंबी जद्दोजहद के बाद जब पुलिस ने पॉलीग्राफ और ब्रेन इलेक्ट्रिकल ऑस
जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। हत्या को लूट की रंगत देने के लिए उसने एक फिल्मी सीन क्रिएट किया था। मगर उसकी स्क्रिप्ट क्राइम इनवेस्टीगेशन के हिसाब से नहीं लिख पाया और आखिर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसे मंगलवार को अदालत में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था और आज उसे दाेबारा से अदालत में पेश किया जाना है।
अब वह तीन दिन के पुलिस रिमांड पर है और उससे हत्या के कारणों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान भी वह पुलिस को घुमाने वाले जवाब ही दे रहा है। मगर पुलिस का कहना है कि उनके पास उसे दोषी करार देने के लिए प्रर्याप्त सबूत हैं।
भारत भूषण गोयल का वो घर यहां सीमा गोयल की हत्या हुई।
PU के यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल के प्रोफेसर भारत भूषण गोयल की पहली शादी 20 दिन चली थी, 1995 में उनकी दूसरी शादी सीमा गोयल से हुई थी। शादी के बाद से ही दोनों में किसी न किसी बात को लेकर झगड़ा चलता रहा था।
उनकी एक बेटी है, वह भी उनके क्लेश से परेशान थी। 26 साल चले विवाहित जीवन में इतनी खींच तान बढ़ी कि प्रोफेसर पति ने पत्नी को 2021 में दीपावली की अगली रात 4 नवंबर 2021 को पत्नी सीमा गोयल (45) के हाथ पांव बांधकर उसे आग लगाकर मार दिया। इस दौरान उनकी तरफ से पुलिस को झूठी कहानी बताते हुए बयान दिए थे कि वह खाना खाने के बाद छत पर थे और इसी दौरान लुटेरों ने उसकी पत्नी को बांधकर लूट पाट की और फरार हो गए। मौके पर कोई गवाह नहीं, शातिर गोयल पुलिस को झुठलाते रहे
- भारत भूषण गोयल पुलिस के आने से पहले ही पत्नी को पड़ोसियों की सहायता से अस्पताल ले गए और यहां पर डाक्टरों ने उसे मृत करार दे दिया। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो घर में क्राइम सीन देखकर पुलिस को आशंका पैदा हुई।
- बीबी गोयल ने हत्या को लूटपाट की घटना बताने के लिए रसोई की जाली को काट दिया था। घर को बाहर से ताला लगा दिया और अलमारी के कपड़े बिखेर दिए। हत्या के बाद उसने ही शोर मचाया, बाहर से ताला खोला और मृत पत्नी को अस्पताल ले गया।
- पुलिस को मौके पर कोई गवाह नहीं मिला था और न ही पुलिस के हाथ कोई सीसीटीवी ही लगी थी। पुलिस ने शक के आधार पर 15-20 बार पूछताछ की है मगर वह कुछ भी बताने को तैयार नहीं था और इसमें चार साल बीत गए।

PU में हत्या के बाद आस पास के लोगों के ब्यान दर्ज करती हुई पुलिस।
पुलिस बुलाने की बजाय पड़ोसियों को मौके पर बुलाया था… आरोपी ने सबसे पहले पड़ोसियों को बुलाया था कि मेरी पत्नी मर गई है। मर्डर के बाद घर लूट जैसा माहौल बनाया गया था। आरोपी ने बड़ा बक्सा कमरे में उल्टा कर दिया था, ताकि लगे कि कोई घर में आया था। लेकिन मौके से न कोई अंदर आया था, न बाहर गया था।
गिरफ्तारी के बाद पीयू में कोई बोलने को तैयार नहीं प्रोफेसर के सहकर्मी कहते हैं कि वह शांत स्वभाव के थे। लेकिन पिछले वर्षों में पारिवारिक तनाव दिख रहा था। पीयू ने इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया देने से इनकार किया।
घटना स्थल में वह चीजें जिनसे शक उसी पर गया
- पहली बात यह थी कि आस पास के लोगों ने घर के अंदर और बाहर आते जाते किसी को नहीं देखा था
- उसने पुलिस को बताया कि लुटेरे घर को ताला लगाकर चाबी साथ ले गए, ताला उसने डुप्लीकेट चाबी से खोला, जबकि बेटी ने बताया कि ताले की डुप्लीकेट चाबी थी ही नहीं
- अलमारी से सामान तो बिखरा था मगर वहां से चोरी कुछ नहीं हुआ था।
- फोरेंसिक जांच में सामने आया कि रसोई की जाली अंदर से काटी गई थी और बाहर उस पर कोई फिंगर प्रिंट के निशान नहीं थे।
जांच ऐसे बढ़ी, कड़ी दर कड़ी…
- फिटबिट से खुला झूठ
फॉरेंसिक टीम ने पाया कि कई फिटबिट डिवाइस एक ही मोबाइल से बार–बार लॉग इन–लॉग आउट हुए थे, जो लूट की कहानी से मेल नहीं खाते।
- घटनास्थल से मेल नहीं खाए आरोप
जिस जगह शव मिला, वहां किसी संघर्ष, छीना–झपटी या बाहरी हमले के निशान नहीं थे।
- मौत पहले, जलाना बाद में
फॉरेंसिक रिपोर्ट ने बताया—सीमा की मौत जलाने से पहले ही हो चुकी थी। यानी जलाना सिर्फ सबूत मिटाने की कोशिश थी।
- ब्रेन मैपिंग और फॉरेंसिक साइकोलॉजिकल टेस्ट में फंसा आरोपी
पुलिस ने राजकुमार और बेटी पारल का पॉलीग्राफ, BEOS और फॉरेंसिक साइकोलॉजिकल अस्सेसमेंट कराया। रिपोर्टों में घटनाक्रम से जुड़ी स्मृतियों की मौजूदगी सामने आई, जो आरोपी के बयान से मेल नहीं खाती थीं।
- पारिवारिक विवाद और अवांछित संबंध के एंगल भी सामने आए
जांच में राजकुमार के कुछ अवांछित संबंधों और वैवाहिक विवाद की जानकारी भी मिली, जिसने शक को पुख्ता किया।
- बीओएस टेस्ट ने कैसे खोली पोल?
BEOS टेस्ट दिमाग में मौजूद स्मृतियों के आधार पर यह पहचानता है कि किसी घटना का ज्ञान व्यक्ति को है या नहीं। इस टेस्ट में आरोपी के दिमाग में हत्या से जुड़ी स्मृतियों के स्पष्ट संकेत मिले। यही रिपोर्ट केस का टर्निंग पॉइंट साबित हुई।
कब क्या हुआ – पूरा टाइमलाइन 1995 – सीमा (प्रिसिला जॉन) का बीबी गोयल से विवाह। 4 Nov 2021 – पीयू कैंपस में जला हुआ शव मिला, पहचान सीमा के रूप में हुई। 7 Nov 2021 – पति–बेटी से पूछताछ। Feb 2022 – सीमा के भाई ने हाईकोर्ट में तेज जांच की याचिका दायर की। Mar 2022 – Aug 2022 – पॉलीग्राफ, ब्रेन मैपिंग, कई स्टेटस रिपोर्ट, फॉरेंसिक देरी। 2022–2024 – जांच धीमी रही, कई वैज्ञानिक टेस्ट पूरे हुए। मार्च 2025 – केस दोबारा सक्रिय किया गया, डीएसपी सुमित कुमार ने नई कड़ियां जोड़ीं। मई 2025 – राजकुमार गिरफ्तार, हत्या कुबूलने जैसे संकेत BEOS रिपोर्ट में मिले।
क्यों की हत्या? (मर्डर मोटिव) पत्नी के चरित्र पर शक पारिवारिक कलह अवांछित संबंधों से जुड़े विवाद
पुलिस का अगला कदम क्या
पुलिस अब घटना की पूरी स्क्रिप्ट को जोड़कर विस्तृत चार्जशीट तैयार कर रही है। कई फॉरेंसिक रिपोर्ट, मोबाइल–लोकेशन डेटा और BEOS विश्लेषण को सबूतों के रूप में जोड़ा जाएगा।
बीडीओएस टेस्ट में पूछे गए प्रमुख सवाल सवाल: 4 नवंबर 2021 की रात घर में कौन-कौन थे? जवाब: तसरीफ से जवाब—पत्नी अकेली थी। पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला।
सवाल: क्या घर पर आपने दीया-बत्ती की? जवाब: नहीं की।
सवाल: दिवाली की रात क्या आपने और पत्नी सीमा में झगड़ा हुआ? जवाब: तसरीफ से जवाब—नहीं, लेकिन दिमाग की तरंगों में पाजिटिव संकेत।
सवाल: क्या आपने अपनी पत्नी का गला घोंटा? जवाब: नहीं कहा, पर दिमाग ने पाजिटिव दिया।
सवाल: क्या पत्नी के हाथ-पैर आपने बांधे? जवाब: तसरीफ से जवाब नहीं, पर पाजिटिव रिस्पॉन्स मिला।
सवाल: अगली सुबह पत्नी को मृत देखकर सबसे पहले दरवाजा किसने खोला? जवाब: तसरीफ से जवाब खुद ने।
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