चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों के चुनाव के लिए प्रशासन की तरफ से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। पिछले चुनावों में हुए विवादों की वजह से कुछ नई व्यवस्थाएं भी होंगी।
नगर निगम के एसेंबली हॉल में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और ऑब्जर्वर के बैठने की जगह को भी बदला जा रहा है। इस बार हाथ खड़े करके चुनाव करवाए जा सकते हैं और इसमें भी कोई किसी को मौके पर ही प्रलोभन या धमकाए ना, इस पर भी नजर रखी जाएगी।
अभी मेयर चुनाव के लिए तारीख का ऐलान नहीं हुआ है इसलिए नगर निगम की तरफ से भी नोटीफिकेशन जारी नहीं किया गया है। कुछ दिनों में नोटिफिकेशन जारी होने की संभावना है। तीनों ही पदों के लिए कार्यकाल 29 जनवरी तक का है।
डिप्टी कमिश्नर लेंगे जायजा
चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए डिप्टी कमिश्नर की तरफ से एसेंबली हाल का जायजा लिया जाना है। डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव आज नगर निगम जा सकते हैं और दोपहर के समय वह तैयारियों का जायजा लेंगे। हॉल में कैसी व्यवस्था है और इसमें और क्या बदलाव करने की जरूरत है। इस पर वह अधिकारियों को निर्देश देंगे। पूरी व्यवस्था दुरुस्त होने के बाद नोटिस जारी किया जाएगा।
चंडीगढ़ नगर निगम के 35 वार्डों पर यथास्थिति, नया परिसीमन नहीं होगा
नगर निगम चंडीगढ़ के वार्डों के परिसीमन को लेकर प्रशासन ने बड़ा और स्पष्ट फैसला लिया है। चंडीगढ़ प्रशासन ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि नगर निगम के 35 वार्डों की मौजूदा सीमाएं और संख्या यथावत बनी रहेगी। फिलहाल वार्डों का कोई नया परिसीमन नहीं किया जाएगा और 2020 में जारी परिसीमन अधिसूचना ही आगे भी लागू रहेगी।
यह आदेश 31 दिसंबर 2025 को चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से जारी किया गया है। आदेश में साफ कहा गया है कि जनगणना के नए आधिकारिक आंकड़े अभी तक जारी नहीं हुए हैं, ऐसे में वार्ड परिसीमन में किसी तरह के बदलाव की जरूरत नहीं समझी गई।
2020 में 26 से बढ़कर 35 हुए थे वार्ड
बता दें कि, नगर निगम चंडीगढ़ के वार्डों का अंतिम परिसीमन 30 दिसंबर 2020 को किया गया था। यह परिसीमन दिसंबर 2021 में हुए नगर निगम चुनावों से पहले लागू किया गया था, जिसमें वार्डों की संख्या 26 से बढ़ाकर 35 की गई थी। यह बदलाव उस समय उपलब्ध नवीनतम जनगणना आंकड़ों और नगर निगम सीमा में शामिल किए गए नए गांवों के आधार पर किया गया था, ताकि जनसंख्या के अनुसार समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके।
नई जनगणना के आंकड़े नहीं होने का हवाला
आदेश में कहा गया है कि रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त, भारत सरकार द्वारा अभी तक नई जनगणना के आधिकारिक आंकड़े प्रकाशित नहीं किए गए हैं। इसके अलावा नगर निगम की सीमाओं में कोई बड़ा बदलाव या जनसंख्या में ऐसा कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं हुआ है, जिससे पंजाब म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट, 1976 की धारा 8 के तहत नए सिरे से परिसीमन जरूरी हो।
प्रशासक के अधिकारों का प्रयोग
चंडीगढ़ के प्रशासक ने पंजाब म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट, 1976 की धारा 8 और 9 के तहत मिले अधिकारों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है। इसके तहत यह स्पष्ट किया गया है कि –
- वार्डों की सीमाएं, क्षेत्रफल और संख्या (1 से 35) पहले की तरह ही प्रभावी रहेंगी।
- 2020 के परिसीमन में उपयोग किए गए पूर्व जनगणना आंकड़ों को ही आधार माना जाएगा।
- नगर निगम चंडीगढ़ के लिए कोई नया परिसीमन नहीं होगा।
- सभी चुनावी और प्रशासनिक उद्देश्यों के लिए मौजूदा 35 वार्ड ही मान्य रहेंगे।
- आरक्षण प्रक्रिया भी पुराने वार्डों पर होगी।
आदेश के अनुसार, राज्य चुनाव आयोग, यूटी चंडीगढ़ इन्हीं मौजूदा 35 वार्डों के आधार पर अनुसूचित जाति और महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण तय करेगा। आरक्षण की प्रक्रिया नियमानुसार की जाएगी, लेकिन वार्ड संरचना में कोई बदलाव नहीं होगा।
राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व
प्रशासन के इस फैसले को आगामी नगर निगम चुनावों की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। वार्ड परिसीमन को लेकर लंबे समय से अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन अब आदेश आने के बाद स्थिति साफ हो गई है कि चंडीगढ़ में अगले चुनाव मौजूदा वार्ड व्यवस्था के तहत ही होंगे।
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