शहर के वार्ड क्रमांक 19 स्थित तालाब किनारे बड़ी संख्या में आधार कार्ड और बैंक से जुड़े दस्तावेज मिलने के मामले में डाक विभाग ने सख्त कदम उठाया है। डाक अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह के निर्देश पर चंदिया पोस्ट ऑफिस में पदस्थ ग्रामीण डाक सेवक रविकांत पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मामला 14 फरवरी का है जब स्थानीय लोगों ने तालाब के पास झाड़ियों और मेढ़ के आसपास कई लिफाफे और दस्तावेज बिखरे हुए देखे। करीब जाकर देखने पर पता चला कि उनमें आधार कार्ड, बैंक संबंधी कागजात और अन्य जरूरी दस्तावेज शामिल थे। सूचना मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। लोगों ने आशंका जताई कि यदि ये दस्तावेज गलत हाथों में पड़ जाते तो संबंधित हितग्राहियों के साथ धोखाधड़ी हो सकती थी।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और सभी दस्तावेजों को जब्त कर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि ये दस्तावेज डाक वितरण के माध्यम से संबंधित व्यक्तियों तक पहुंचाए जाने थे लेकिन वे तालाब किनारे लावारिस हालत में मिले।
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विभागीय स्तर पर की गई शुरुआती जांच में रविकांत पाण्डेय का नाम सामने आया। जानकारी के अनुसार वे पहले बाजाकुंड पोस्ट ऑफिस में उप सहायक शाखा डाकपाल के पद पर कार्यरत थे और वर्तमान में चंदिया पोस्ट ऑफिस में ग्रामीण डाक सेवक के रूप में पदस्थ हैं। उन पर आरोप है कि दस्तावेजों को निर्धारित पते पर पहुंचाने में लापरवाही बरती गई।
डाक अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल निलंबन की कार्रवाई की गई है। साथ ही विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दस्तावेज तालाब तक कैसे पहुंचे और जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आधार कार्ड और बैंक दस्तावेज जैसे संवेदनशील कागजातों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बेहद चिंताजनक है। यह सिर्फ विभागीय गलती नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
फिलहाल पुलिस और डाक विभाग दोनों स्तर पर जांच जारी है। संबंधित हितग्राहियों से संपर्क कर दस्तावेज वापस सौंपने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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