प्रदेश में पॉली हाउस लगाने वाले और मशरूम उत्पादन करने वाले किसान नई बिजली दरों के प्रस्ताव पर विरोध जताने पहुंचे। उनका कहना था कि पिछले साल के टैरिफ में लगाए गए फिक्स चार्ज और दरों की वजह से तेजी से उनका काम बंदी के कगार पर पहुंच रहा है।
लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधि मनमोहन भारद्वाज ने कहा कि कृषि सहायक सेवाओं के तहत प्रदेश में 85 प्रतिशत से अधिक पॉलीहाउस बंद हो चुके हैं। जब बिजली सस्ती थी तो बढ़ रहे थे लेकिन अब आरटीएस-4 श्रेणी लागू होने के बाद तेजी से घट रहे हैं। उस पर भी पांच से छह घंटे का पावर कट किया जा रहा है।
मशरूम उत्पादक अमित शर्मा ने कहा कि फिक्स चार्ज गलत तरीके से लागू किया गया। सालभर लोड नहीं होता। सर्दियों में तापमान कम होने के चलते उन्हें ज्यादा बिजली की जरूरत नहीं होती। लिहाजा, फिक्स चार्ज को हटाया जाए। कहा कि पूरा कच्चा माल बाहर से आता है। ऐसे में अगर बिजली इतनी महंगी होगी तो उनकी कमाई पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।
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