महासमुंद पुलिस ने ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत 520 किलोग्राम अवैध गांजा जब्त कर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 2 करोड़ 60 लाख रुपये बताई गई है। इस संबंध में कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें थोक खरीददार, खुदरा बिक्रीकर्ता, परिवहन सरगना और मुख्य थोक विक्रेता शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों की लगभग 5.5 करोड़ रुपये की संपत्ति भी चिन्हांकित की है, जिस पर SAFEMA के तहत कुर्की की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
गिरफ्तारी और नेटवर्क का खुलासा
7 जनवरी को थाना कोमाखान में दर्ज नारकोटिक्स एक्ट के एक मामले में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में यह बड़ी सफलता मिली। गिरफ्तार किए गए नौ आरोपियों में पुणे का प्रमुख खरीददार रामदास चंदू सोनवाने भी शामिल है, जिसका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह तड़ीपार भी रह चुका है। जानकारी के अनुसार, उसके दोनों बेटे भी पुणे में गांजा वितरण नेटवर्क में सक्रिय थे। विवेचना के दौरान रामदास की लगभग 4 करोड़ रुपये की संपत्ति चिन्हांकित की गई है।
परिवहन सरगना और सोशल मीडिया कनेक्शन
इस गिरोह का मुख्य सरगना और ओडिशा से महाराष्ट्र तक गांजा परिवहन नेटवर्क चलाने वाला आकाश जाधव भी गिरफ्तार हो गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जाधव पिछले एक वर्ष में छह बार गांजे की खेप पहुंचा चुका है और पुणे के एक मामले में पिछले छह माह से फरार था। हैरानी की बात यह है कि आकाश जाधव सोशल मीडिया पर ‘सर्पमित्र आकाश जाधव’ के नाम से सक्रिय था। उसके यूट्यूब पर लगभग 56.80 लाख और इंस्टाग्राम पर 3.17 लाख फॉलोअर्स हैं। गांजा तस्करी के अलावा, वह सर्प-रक्षा और रेस्क्यू गतिविधियों से भी जुड़ा रहा है। जाधव की भी लगभग 1.5 करोड़ रुपये की संपत्ति चिन्हांकित की गई है।
नारकोटिक्स नेटवर्क पर प्रहार
यह कार्रवाई मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन निश्चय’ का हिस्सा है। पुलिस का लक्ष्य इस पूरे अंत-से-अंत नेटवर्क का पर्दाफाश करना है, जिसमें थोक खरीददार से लेकर खुदरा बिक्रीकर्ता तक सभी शामिल हैं। जब्त की गई संपत्ति पर कार्रवाई से इस धंधे से जुड़े लोगों को बड़ा झटका लगने की उम्मीद है।
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