दिल्ली की कई पुरानी सरकारी आवासीय कॉलोनियां अब जल्द ही नई और आधुनिक पहचान के साथ नजर आएंगी। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पुनर्विकास योजना के तहत सरोजिनी नगर से श्रीनिवासपुरी तक सात कॉलोनियों में पुराने और जर्जर क्वार्टरों की जगह आधुनिक हाई-राइज आवासीय परिसर बनाए जा रहे हैं। इस योजना के तहत 21 हजार से अधिक नए फ्लैट तैयार किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को 2,722 नए फ्लैटों का उद्घाटन करेंगे और हजारों अन्य फ्लैटों की आधारशिला भी रखेंगे। इससे सरकारी आवासों की नई तस्वीर सामने आएगी। इस परियोजना की खास बात यह है कि इसे बिना करदाताओं के पैसे खर्च किए एक स्व-वित्तपोषित मॉडल के तहत पूरा किया जाएगा।
यह परियोजना सरोजिनी नगर, नेताजी नगर, नौरोजी नगर, कस्तूरबा नगर, त्यागराज नगर, श्रीनिवासपुरी और मोहम्मदपुर कॉलोनियों में करीब 537 एकड़ क्षेत्र में बनेगी। इन कॉलोनियों में मौजूद कई सरकारी क्वार्टर काफी पुराने और जर्जर हो चुके थे, जिनमें से करीब 40 प्रतिशत को रहने के लिए असुरक्षित घोषित किया गया था। दूसरी ओर, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 20,000 से अधिक आवासों की कमी भी बनी हुई थी। पुनर्विकास योजना के तहत पुराने लो-राइज मकानों की जगह आधुनिक हाई-राइज आवासीय परिसर बनाए जा रहे हैं। इस परियोजना से 21,000 से अधिक नए फ्लैट तैयार होंगे, साथ ही बेहतर सड़कें, हरित क्षेत्र, सामुदायिक सुविधाएं और आधुनिक बुनियादी ढांचा भी विकसित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 मार्च को इस योजना के तहत 2,722 नए फ्लैटों का उद्घाटन करेंगे और 6,632 फ्लैटों की आधारशिला रखेंगे। ये फ्लैट जनरल पूल रेजिडेंशियल अकॉमोडेशन (जीपीआरए) पुनर्विकास योजना के तहत सरोजिनी नगर, नेताजी नगर, कस्तूरबा नगर और श्रीनिवासपुरी में बनाए जा रहे हैं। इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसका स्व-वित्तपोषित वित्तीय मॉडल है। सरकार ने कुल परियोजना क्षेत्र के केवल 69.41 एकड़ (लगभग 12.9 प्रतिशत) हिस्से को वाणिज्यिक और आवासीय उपयोग के लिए विकसित कर उसका मुद्रीकरण करने की योजना बनाई है। इस सीमित भूमि के व्यावसायिक उपयोग से करीब 35,100 करोड़ का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है, जबकि पूरे पुनर्विकास की लागत लगभग 32,800 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस तरह यह परियोजना बिना सरकारी बजट पर बोझ डाले पूरी की जाएगी और सरकार को करीब 2,300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ होने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.