हमीरपुर। विधिक माप विज्ञान विभाग ने उपभोक्ताओं के हितों की अनदेखी करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए सख्ती दिखाई है। पिछले तीन माह में काटे गए 19 चालानों में से 14 का निपटान कर विभाग ने 70,000 रुपये का जुर्माना वसूल किया है।
विधिक माप विज्ञान विभाग के सहायक नियंत्रण प्रवीण सिउटा ने बताया कि नियमों के अनुसार नाप-तौल के उपकरणों की वार्षिक जांच करवाना और उन पर विभागीय मुहर लगवाना अनिवार्य है, ताकि उपभोक्ताओं को सही माप मिल सके। हालांकि जांच में पाया गया कि कुछ दुकानदार बिना विभागीय सत्यापन के ही उपकरणों का उपयोग कर रहे थे, जिससे उपभोक्ताओं को घाटा होने की आशंका थी।
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान पैक्ड वस्तुओं के संबंध में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। कई पैक्ड खाद्य वस्तुओं पर अधिकतम विक्रय मूल्य, निर्माता कंपनी का नाम और पूरा पता अंकित नहीं था, जो उपभोक्ता संरक्षण कानूनों का सीधा उल्लंघन है। हमीरपुर, नादौन और सुजानपुर क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान 19 मामले पकड़े थे। अभी 14 मामलों को निपटाया गया है, जिनमें से 11 मामले उपकरणों की जांच न करवाने के हैं।इन मामलों में विभाग ने 55 हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया है।
इसके अतिरिक्त पैक्ड फूड पैकेटों पर कंपनी का नाम, निर्माता कंपनी का एड्रेस व अधिकतम मूल्य अंकित न होने पर तीन मामलों में 15 हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया है। अभी पांच विभिन्न मामले लंबित पड़े हुए हैं।
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