Uttarakhand Culture: पहाड़ की रसोई सिर्फ जायके के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी अनोखी परंपराओं के लिए भी जानी जाती है. आधुनिक किचन के दौर में भी पहाड़ी घरों में ‘माना’ का महत्व कम नहीं हुआ है. आखिर क्या है यह ‘माना’ और क्यों इसके बिना पहाड़ों में भात बनाना अधूरा माना जाता है? रसोई से लेकर मंदिर की देहरी तक जाने इस पारंपरिक बर्तन की कहानी, जो आज भी पूर्वजों की विरासत और सादगी को सहेज कर रखे हुए है.
सबसे पहले परिवार के सदस्यों के हिसाब से माना में चावल डाला जाता है. अगर घर में चार लोग हैं तो एक तय नाप से चावल लिया जाएगा, ताकि न ज्यादा बने और न कम पड़े. फिर उसी चावल को भात बनाने वाले बर्तन में डालकर पकाया जाता है. इस तरीके से खाना भी संतुलित बनता है और अन्न की बर्बादी भी नहीं होती. यह सादगी और किफायत का एक बेहतरीन उदाहरण है.
धार्मिक आयोजनों और दान में माना का महत्व
माना का महत्व सिर्फ रसोई तक ही सीमित नहीं है. जब गांव में किसी मंदिर में पूजा या कोई धार्मिक आयोजन होता है, तो हर घर से चावल ले जाया जाता है. लेकिन वह चावल भी बिना नापे नहीं दिया जाता. माना से सही मात्रा में नापकर ही मंदिर में अर्पित किया जाता है. इससे एक समानता बनी रहती है और परंपरा का पालन भी होता है. यदि कोई किसी को दान भी देता है, तो वह भी इस माने से नापकर ही देता है, जिससे कि भगवान का आशीर्वाद भी उन पर बना रहे और घर में सुख, शांति और समृद्धि हो.
तांबे की विरासत और बुजुर्गों की निशानी
कई घरों में आज भी पुराने पीतल के माने संभालकर रखे हुए हैं, लेकिन ये खास तौर पर तांबे से बनाया जाता है. यह सिर्फ एक बर्तन नहीं, बल्कि हमारे पूर्वजों की दी हुई एक अनमोल विरासत है. गांव की रहने वाली जमुना देवी बताती हैं, “हमारे घर में आज भी माना से ही चावल नापा जाता है. पहले से यही तरीका चला आ रहा है. इससे अंदाजा भी सही रहता है और परंपरा भी बनी रहती है. माना हमारे बुजुर्गों की निशानी है, इसलिए हम इसे आज भी संभालकर रखते हैं.”
आधुनिकता के बीच बरकरार है सादगी
आज भले ही समय बदल गया हो और रसोई में आधुनिक मापने के कप आ गए हों, लेकिन पहाड़ों में माना आज भी सादगी, परंपरा और परिवार की एकता का प्रतीक बना हुआ है. यह नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का एक माध्यम भी है.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें
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