Uttarakhand Folk Dance Khel: पहाड़ों में शादी हो या पूजा-पाठ, जब तक आंगन में खेल न लगे, तब तक रौनक अधूरी मानी जाती है. छोलिया डांस की तरह ही ‘खेल’ उत्तराखंड की एक ऐसी अनमोल परंपरा है जो गांव के लोगों को एक-दूसरे का हाथ पकड़कर खुशियां मनाने का मौका देती है. दादी-नानी के जमाने से चली आ रही यह रीत आज भी डीजे के दौर में उतनी ही जिंदा है. जानिए क्यों पहाड़ों के हर शुभ काम में ‘खेल’ लगाना जरूरी माना जाता है और कैसे यह पारंपरिक नृत्य आज भी लोगों के दिलों को जोड़े हुए है.
डीजे फेल, पर ‘खेल’ है जरूरी
आजकल शादियों में बड़े-बड़े डीजे और म्यूजिक सिस्टम बजते हैं, लेकिन पहाड़ों में एक पुरानी कहावत है कि शुभ काम में जब तक ‘खेल’ न लगे, तब तक देवता भी प्रसन्न नहीं होते. घर के आंगन में जब भी कोई पूजा-पाठ या शादी-ब्याह होता है, तो खेल लगाना सबसे शुभ माना जाता है. इसमें किसी फैंसी म्यूजिक की जरूरत नहीं होती, बस अपनों का साथ और जुबां पर पहाड़ी लोकगीत ही काफी होते हैं.
हाथों में हाथ और कदम से कदम मिलते है
‘खेल’ लगाने का तरीका बहुत ही सरल और अपनापन भरा है. गांव के महिला और पुरुष घर के बड़े आंगन में इकट्ठा होते हैं और एक गोल घेरा बना लेते हैं. सब एक-दूसरे का हाथ पकड़ते हैं और पहाड़ी गीतों की धुन पर धीरे-धीरे कदम से कदम मिलाकर घूमते हैं. महिलाएं अपने पारंपरिक पहनावे और पिछौड़ा में सज-धजकर इसमें शामिल होती हैं, जिससे पूरा माहौल रंगीन हो जाता है.
दादी-नानी के जमाने की यादें
स्थानीय निवासी नर्वदा देवी बताती हैं कि यह रीत कोई नई नहीं है, बल्कि दादी और नानी के जमाने से चली आ रही है. पहले के समय में जब मनोरंजन के साधन कम थे, तब लोग पूरी-पूरी रात मंगल गीत गाते हुए खेल लगाते थे. यह परंपरा गांव के हर छोटे-बड़े व्यक्ति को एक साथ जोड़ने का काम करती थी. आज के भागदौड़ भरे समय में भी गांवों ने अपनी इस धरोहर को बचाकर रखा है.
मेल-जोल का सबसे बड़ा प्रतीक है खेल
खेल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कोई छोटा या बड़ा नहीं होता. घेरे में खड़ा हर व्यक्ति एक बराबर होता है. यह नृत्य सिखाता है कि खुशियां बांटने से बढ़ती हैं. यही वजह है कि आज भी पहाड़ों का यह पारंपरिक खेल लोगों के दिलों में खास जगह बनाए हुए है और हमारी संस्कृति को जीवंत रखे हुए है.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें
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