ये है सर्वे का उद्देश्य
इस राष्ट्रीय स्तर के सर्वे का उद्देश्य श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर), वर्कर जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर), बेरोजगारी दर और करेंट वीकली स्टेटस (सीडब्ल्यूएस) जैसे महत्वपूर्ण संकेतकों के जरिए रोजगार की मौजूदा स्थिति के सटीक आंकड़े तैयार किए जाएंगे। विभाग के मुताबिक इन्हीं आंकड़ों के आधार पर केंद्र व राज्य सरकारें भविष्य में रोजगार योजनाओं और आर्थिक नीतियों की दिशा तय करेंगी।
ये हैं सर्वे के मानक
– 15 से 59 आयु वर्ग के स्वस्थ लोग, जो कार्य करने के इच्छुक हैं।
– शिक्षा, रोजगारी, बेरोजगारी, मासिक पारिवारिक व्यय।
– 365 दिनों में कितना काम किया।
– एक महीने में कितने दिन और एक सप्ताह में कितने घंटे काम किया।
– एक घंटा काम करने वाला भी रोजगार की श्रेणी में माना जाएगा।
– किसी भी आर्थिक गतिविधि से कमाए जाने वाली राशि रोजगार माना जाएगा।
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क्या कहते हैं अधिकारी
केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों पर सर्वे 11 फरवरी से शुरू होगा। सर्वे के सभी कार्य कैबी (कंप्यूटर एसिस्ट पर्सनल इंटरव्यूइंग) के माध्यम से होगा। सहायक संख्याधिकारी की ओर से रोजगार/ आजीविका का व्यापक अध्ययन किया जाएगा। – राम सलोने, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, पौड़ी।
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