इंजीनियरिंग की पढ़ाई, राजनीति से दूरी निशांत कुमार का जन्म 20 जुलाई 1975 को हुआ था। उन्होंने शुरुआती पढ़ाई पटना के सेंट कैरेंस स्कूल से की और आगे की शिक्षा मसूरी के मानव भारती इंडिया इंटरनेशनल स्कूल में हासिल की. बाद में उन्होंने झारखंड के बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की. निशांत और उनके पिता दोनों ही इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से आते हैं. हालांकि नीतीश कुमार ने पटना इंजीनियरिंग (वर्तमान में NIT) से पढ़ाई की है.
1. लाइमलाइट से दूर रहते हैं निशांत
नीतीश कुमार ने बाद में राजनीति को अपना करियर बनाया, वहीं निशांत लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहे. सादगी भरी जीवनशैली राजनीतिक परिवार से होने के बावजूद निशांत कुमार बेहद सादगी भरा जीवन जीने के लिए जाने जाते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वे लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करते हैं और आध्यात्मिक जीवनशैली की ओर उनका झुकाव रहा है. योग, ध्यान और पूजा-पाठ में उनकी रुचि बताई जाती है. अब तक उन्होंने किसी राजनीतिक पद या चुनाव में हिस्सा नहीं लिया है और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी बहुत कम दिखाई देते हैं. यही वजह है कि उन्हें अक्सर “लो-प्रोफाइल” शख्सियत के रूप में जाना जाता है.
2. करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं निशांत
करोड़ों की संपत्ति के मालिक हालांकि जीवनशैली सादा है, लेकिन संपत्ति के मामले में निशांत कुमार करोड़ों की संपत्ति के मालिक बताए जाते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार उनकी कुल संपत्ति करीब 3.5 से 3.6 करोड़ रुपये के आसपास आंकी जाती है. इसमें लगभग 1.63 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और करीब 1.9 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है. उनके नाम पर नालंदा जिले के कल्याण बीघा गांव में कृषि भूमि, बख्तियारपुर के हकीकतपुर इलाके में पैतृक मकान और जमीन तथा पटना के कंकड़बाग इलाके में एक प्लॉट होने की जानकारी सामने आई है. रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा उन्हें अपनी दिवंगत मां मंजू सिन्हा, जो पेशे से शिक्षिका थीं, से विरासत में मिला है.
3. क्यों चर्चा में हैं निशांत?
राजनीति में एंट्री से बदले समीकरण अब तक राजनीति से दूरी बनाए रखने वाले निशांत कुमार का नाम अचानक सुर्खियों में तब आया जब जेडीयू के कई नेताओं ने उन्हें सक्रिय राजनीति में लाने की मांग उठाई. इसी बीच खबरें सामने आईं कि वे पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल होंगे. आज निशांत कुमार जेडीयू में औपचारिक रूप से शामिल भी हो गए हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निशांत कुमार का सक्रिय राजनीति में आना जेडीयू के लिए पीढ़ीगत बदलाव का संकेत हो सकता है. इससे पार्टी को भविष्य के नेतृत्व को लेकर नई दिशा भी मिल सकती है. अब सबकी नजर अगले कदम पर बिहार की राजनीति में लंबे समय से नीतीश कुमार एक केंद्रीय चेहरा रहे हैं. ऐसे में उनके बाद नेतृत्व की चर्चा होना स्वाभाविक माना जा रहा है.
4. पिता नीतीश कुमार से 5 गुना ज्यादा अमीर हैं निशांत!
नीतीश कुमार के बेटे निशांत की कुल संपत्ति काफी है.अलग अगल मीडिया रिपोर्टस में निशांत कुमार की कुल चल और अचल संपत्ति लगभग 3.61 करोड़ रुपये बताई गई है.इसमें बैंक बैलेंस, नकदी और निवेश के तौर पर करीब 1.63 करोड़ रुपये और बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट में लगभग 1.28 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति शामिल है.अचल संपत्ति के बारे में एक रिपोर्ट में बताया गया है कि निशांत कुमार की अचल संपत्ति करीब 1.98 करोड़ रुपये है इसमें पुश्तैनी खेती योग्य जमीन और आवासीय भवन आदि शामिल हैं.ये संपत्ति का बड़ा हिस्सा उनकी स्वर्गीय मां मंजू सिन्हा के निधन के बाद विरासत में मिला है.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कुल संपत्ति करीब 1.66 करोड़ रुपये है यानी निशांत पिता से काफी ज्यादा संपत्ति के मालिक हैं.उनके पास नालंदा के कल्याण बिगहा में पुश्तैनी घर और खेती की जमीन के अलावा पटना और बख्तियारपुर में भी अचल संपत्तियां हैं.
5. सॉफ्टवेयर कोडिंग से सियासी डिकोडिंग!
हालांकि, खुद निशांत कुमार पहले कई बार कह चुके हैं कि उन्हें राजनीति में खास दिलचस्पी नहीं है, लेकिन अब राजनीति में निशांत की एंट्री हो चुकी है. फिलहाल बिहार की सियासत में सबसे बड़ा सवाल यही है- क्या एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर अपनी कोडिंग की पढ़ाई का इस्तेमाल राजनीतिक कोडिंग सेट करने में करेंगे क्या?आने वाले समय में यह तय करेगा कि निशांत कुमार सिर्फ एक “लो-प्रोफाइल” व्यक्ति बने रहते हैं या फिर बिहार की राजनीति का नया चेहरा बनकर उभरते हैं.
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