आपने देखा होगा जब भी UPSC का रिजल्ट आता था, बिहार सबसे ज्यादा IAS-IPS देने की वजह से चर्चा में आ जाता था. लेकिन समय के साथ इसमें बदलाव नजर आ रहा है. दृष्टि आईएएस के संस्थापक और एमडी विकास दिव्यकीर्ति सर ने इसके पीछे की वजह बताई है.
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विकास दिव्यकीर्ति सर की फाइल फोटो
पटनाः कुछ समय पहले तक UPSC में सबसे ज्यादा रिजल्ट बिहार से ही होते थे. ये के छात्र भारी संख्या में IAS-IPS की नौकरी में जाते थे. लेकिन समय के साथ इसमें कमी दर्ज की गई है. लोग अपने-अपने हिसाब से इसके लिए कारण गिनाते हैं. दृष्टि आईएएस के संस्थापक और एमडी विकास दिव्यकीर्ति सर ने भी माना कि पहले की तुलना में यूपीएससी के रिजल्ट में बिहार के युवाओं का चयन कम हो रहा है. इसके लिए उन्होंने कारण भी बताया है.
विकास दिव्यकीर्ति ने क्या कहा? न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में विकास दिव्यकीर्ति ने कहा कि साल 2000 के आसपास, जो आईएएस और आईपीएस अधिकारी रिटायर हो रहे थे, वे ज्यादातर केरल और तमिलनाडु से थे. इसका मुख्य कारण यह था कि 1960 और 70 के दशक में वहां एक बड़ा सामाजिक बदलाव आया था, और वहां के उच्च वर्गों को केंद्र सरकार की नौकरियां अधिक आकर्षक लगीं क्योंकि उस समय वहां काफी सामाजिक उथल-पुथल थी.
#WATCH | Patna, Bihar | Dr Vikas Divyakirti, founder and MD of Drishti IAS says, “Around the year 2000, IAS and IPS officers who were retiring were mostly from Kerala and Tamil Nadu. The reason for this was that a major social shift occurred there in the 1960s and 70s, and the… pic.twitter.com/Q5dmnXaTDz