सबसे पहले सीखना होगा क्रिकेट
बीसीए के क्रिकेट ऑपरेशन मैनेजर एके चंदन ने लोकल 18 को बताया कि अगर कोई खिलाड़ी क्रिकेट में करियर बनाने की इच्छा रखता है और वह इस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहता है, तो सबसे पहले उसे क्लब क्रिकेट खेलना होगा. क्लब ज्वाइन करने के बाद क्रिकेट सीखनी होगी. यहां बेहतर परफॉर्मेंस होने के बाद डिस्ट्रिक्ट लेवल के मुकाबले खेलना होगा. इंटर डिस्ट्रिक्ट मैचों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा. अगर यहां भी आपका प्रदर्शन बेहतर रहता है तो आगे की ओर आपका चयन होगा और आप राज्य स्तर के टूर्नामेंट में खेलेंगे.
इसके बाद आपके परफॉर्मेंस के आधार पर बीसीसीआई के मैचों के लिए सिलेक्शन होगा. आपको बता दें कि बीसीसीआई के अलग-अलग उम्र ग्रुप में अलग अलग टूर्नामेंट हैं. सभी में बेहतर प्रदर्शन करते हुए आगे की ओर बढ़ते जाएंगे. आपको बता दें कि बीसीसीआई के हर मैच पर चयनकर्ताओं की नजर होती है. बेहतर प्रदर्शन के आधार पर आगे के मैचों के लिए अपने आप चयन हो जाता है.
बीसीसीआई के हैं ये टूर्नामेंट
उन्होंने आगे बताया कि बीसीसीआई अलग-अलग आयु श्रेणियों के लिए कई महत्वपूर्ण घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित करता है. पुरुष जूनियर श्रेणी की बात करें, तो सबसे पहले विजय मर्चेंट ट्रॉफी होती है, जो अंडर-16 खिलाड़ियों के लिए रेड बॉल से खेली जाने वाली मल्टी-डे टूर्नामेंट है. इसके बाद वीनू मांकड़ ट्रॉफी आयोजित की जाती है, जो अंडर-19 श्रेणी का वनडे (व्हाइट बॉल) टूर्नामेंट है. इसी आयु वर्ग में कूच बिहार ट्रॉफी भी होती है, जो रेड बॉल से खेले जाने वाला चार दिवसीय प्रथम श्रेणी जैसा फॉर्मेट है.
इसके बाद अंडर-23 खिलाड़ियों के लिए सीके नायडू ट्रॉफी (चार दिवसीय) और कोल. सी.के. नायडू वनडे टूर्नामेंट कराए जाते हैं. इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को सीनियर क्रिकेट के लिए तैयार करना होता है. वहीं, पुरुष सीनियर श्रेणी में तीन बड़े घरेलू टूर्नामेंट शामिल हैं. रणजी ट्रॉफी, जो भारत की सबसे प्रतिष्ठित प्रथम श्रेणी (चार दिवसीय) टूर्नामेंट है. इसके बाद सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी, जो राष्ट्रीय स्तर पर टी-20 फॉर्मेट का टूर्नामेंट है. वहीं, विजय हजारे ट्रॉफी 50 ओवर का घरेलू वनडे टूर्नामेंट है. इन मुकाबलों में देश के सभी राज्य और बोर्ड की मान्यता प्राप्त टीमें हिस्सा लेती हैं.
जानें वैभव सूर्यवंशी कैसे तेजी से बढ़े आगे
वैभव सूर्यवंशी के तेजी से आगे बढ़ने पर उन्होंने बताया कि वैभव शुरू से ही बाकी खिलाड़ियों से अलग रहा है. बचपन से ही वो मेहनती रहा है. साथ ही उसके भीतर असाधारण प्रतिभा दिखाई देती थी. उसने सबसे पहले जूनियर लीग में खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया और फिर सीनियर लीग में भी अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया. लगातार बेहतर खेल के कारण उसका चयन वीनू मांकड़ ट्रॉफी के लिए हुआ, जहां उसने बिहार की ओर से बेहतरीन खेल दिखाया.
वीनू मांकड़ में शानदार प्रदर्शन के आधार पर उसका चयन भारतीय जूनियर टीम के लिए हुआ. इसमें उसने अपनी काबिलियत को एक बार फिर साबित किया. इसी प्रदर्शन ने उसके करियर का रास्ता खोला. रणजी ट्रॉफी में भी वैभव ने कम उम्र में डेब्यू कर सबका ध्यान खींच लिया. उन्होंने आगे बताया गया कि वैभव में सीखने और मेहनत करने का जुनून है. इसी वजह से सभी आईपीएल फ्रेंचाइज़ियों की नजर उस पर थी. उसका चयन राजस्थान रॉयल्स ने किया. टीम ने उस पर विश्वास जताते हुए उसे और निखारा. आज उसका लगातार बेहतर होता प्रदर्शन उसी मेहनत और क्षमता का नतीजा है.
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