बक्सर में उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता और सामाजिक न्याय के लिए 18 मार्च को पटना में प्रस्तावित राजभवन मार्च की सफलता सुनिश्चित करने के लिए एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस जिला परिषद परिसर स्थित डाकबंगला में हुई, जिसमें विभिन्न सामाजिक और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और डुमरांव के पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने बताया कि 18 मार्च को पटना के गांधी मैदान से राजभवन तक होने वाला यह मार्च ‘ऑल इंडिया फोरम फॉर इक्विटी यूजीसी रेगुलेशन समता आंदोलन, बिहार’ के नेतृत्व में आयोजित किया जाएगा। नौजवानों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से शामिल होने की अपील उन्होंने बक्सर सहित पूरे बिहार के छात्र-नौजवानों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से इस मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।डॉ. अजीत कुमार सिंह ने जानकारी दी कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा 13 जनवरी 2026 को उच्च शिक्षा संस्थानों में इक्विटी और समानता को बढ़ावा देने के लिए नए रेगुलेशन जारी किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन नियमों का उद्देश्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में धर्म, जाति, लिंग, जन्म स्थान सहित अन्य आधारों पर होने वाले भेदभाव को समाप्त करना और सभी वर्गों के छात्रों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना है। उन्होंने आगे कहा कि यह निर्णय लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलनों, सामाजिक संघर्षों और न्यायिक हस्तक्षेपों के दबाव का परिणाम है। शिक्षा संस्थान भी सामाजिक भेदभाव से पूरी तरह मुक्त नहीं देश के कई विश्वविद्यालयों में जाति आधारित भेदभाव की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं, जो दर्शाती हैं कि उच्च शिक्षा संस्थान भी सामाजिक भेदभाव से पूरी तरह मुक्त नहीं हैं।प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित वेमुला, पायल तडवी और दर्शन सोलंकी जैसे मामलों का उल्लेख किया गया, जिन्होंने देश के शिक्षा संस्थानों में मौजूद सामाजिक असमानता को उजागर किया है। साथ ही, यूजीसी के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि वर्ष 2019 से 2024 के बीच विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जाति आधारित भेदभाव की शिकायतों में लगभग 118 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो इस समस्या की गंभीरता को रेखांकित करती है। समानता-भेदभाव मुक्त शिक्षा व्यवस्था के लिए जारी रहेगा आंदोलन प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा गया कि बिहार में 65 प्रतिशत आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने और सामाजिक न्याय से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर भी आगे आंदोलनात्मक कार्यक्रम चलाए जाएंगे। वक्ताओं ने कहा कि समानता, सामाजिक न्याय और भेदभाव मुक्त शिक्षा व्यवस्था के लिए यह आंदोलन जारी रहेगा।
इस दौरान लोगों से अपील की गई कि वे बड़ी संख्या में 18 मार्च को पटना पहुंचकर गांधी मैदान से राजभवन तक होने वाले मार्च में शामिल हों और सामाजिक न्याय की इस लड़ाई को मजबूत करें।
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