बिहार की सियासत में होली के बीच बड़ा उलटफेर हुआ है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर सहमति बन गई है, जिसकी आधिकारिक घोषणा कभी भी हो सकती है. इसके साथ ही बिहार में सत्ता की कमान जदयू से बीजेपी के पाले में जाती दिख रही है. वहीं, निशांत कुमार की राजनीतिक एंट्री को लेकर भी कायास तेज हैं. आज नामांकन के साथ बिहार की सत्ता का नया स्वरूप साफ हो जाएगा.
नीतीश कुमार आज राज्यसभा के लिए कर सकते नामांकन(फाइल फोटो)
इस पूरे घटनाक्रम ने एनडीए और विपक्षी खेमे में खलबली मचा दी है. जहां एक ओर नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री और बीजेपी के ‘ऑपरेशन लोटस’ की चर्चाएं आम हैं, वहीं दूसरी ओर महागठबंधन इसे जनादेश का अपमान बता रहा है. गुरुवार को नामांकन की आखिरी तिथि है, ऐसे में बिहार की सत्ता में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं.
10 पॉइंट्स में समझें सुबह से रात तक का घटनाक्रम:
- सुबह से अटकलें: बुधवार सुबह से ही राजनीतिक गलियारों में यह खबर तैरने लगी कि नीतीश कुमार जेडीयू के दूसरे राज्यसभा उम्मीदवार हो सकते हैं.
- बैठकों का दौर: शाम 6 बजे मुख्यमंत्री आवास पर संजय झा और विजय चौधरी जैसे कद्दावर नेताओं के साथ नीतीश कुमार की आपात बैठक हुई.
- विजय चौधरी का बयान: बैठक के बीच मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि अंतिम फैसला नीतीश जी को लेना है, हालांकि पार्टी का एक धड़ा उनके दिल्ली जाने के पक्ष में नहीं है.
- रामनाथ ठाकुर का नाम तय: राज्यसभा के लिए केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर का नाम लगभग फाइनल हो गया है, उन्होंने कागजी प्रक्रिया भी पूरी कर ली है.
- निशांत कुमार की चर्चा: नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर दो संभावनाओं पर चर्चा तेज रही—या तो वे डिप्टी सीएम बनेंगे या फिर उन्हें राज्यसभा भेजा जाएगा.
- संगठनात्मक बदलाव: मीटिंग में नीतीश कुमार ने उमेश कुशवाहा को फिर से जेडीयू का प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने के निर्णय पर मुहर लगाई.
- चिराग पासवान का बचाव: लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान ने नेतृत्व परिवर्तन की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि नीतीश जी के नेतृत्व में सरकार चलती रहेगी.
- पप्पू यादव का हमला: पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बीजेपी पर जनादेश के अपहरण का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सब सत्ता हथियाने की साजिश है.
- आरजेडी का सनसनीखेज दावा: राजद प्रवक्ता शक्ति यादव ने एक्स (X) पर लिखा कि बीजेपी ने ‘साइलेंट ऑपरेशन लोटस’ चलाकर नीतीश कुमार को डरा-धमकाकर सरेंडर करने पर मजबूर कर दिया है.
- रात में अंतिम मुहर: सूत्रों के अनुसार, देर रात चली गुप्त मंत्रणा में नीतीश के राज्यसभा जाने और राज्य में नए नेतृत्व के फार्मूले पर अंतिम सहमति बन गई है, जिसका असर आज नामांकन में दिखेगा.
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मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.
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