Patna Bans Ghat New Look: राजधानी पटना का ऐतिहासिक बांस घाट अब श्रद्धा, सुविधा और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम बन चुका है. करीब 89.40 करोड़ रुपये की लागत से 4.5 एकड़ में विकसित यह नया शवदाहगृह पुराने परिसर से लगभग तीन गुना बड़ा है. कुछ दिनों बाद इसका उद्घाटन कर दिया जाएगा.
बिहार की राजधानी पटना का ऐतिहासिक बांस घाट अब एकदम नए लुक में दिखाई देने लगा है. लगभग 89.40 करोड़ रुपये की लागत से इसका पुनर्निर्माण किया गया है. नया परिसर 4.5 एकड़ क्षेत्र में तैयार किया गया है. यह नया शवदाहगृह पुराने परिसर की तुलना में करीब तीन गुना अधिक बड़ा है. यहां कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं. मोक्ष द्वार और बैकुंड द्वार नाम से यह गेट बनाए गए हैं. इसे बिहार का पहला आधुनिक शवदाहगृह माना जा रहा है.

यहां दो तालाब, मोक्ष द्वार, बैकुंठ द्वार और 12 फीट ऊंची आदिशक्ति प्रतिमा जैसे धार्मिक प्रतीकों के साथ आधुनिक-पारंपरिक ओवन, वेटिंग हॉल, प्रार्थना कक्ष और विशाल पार्किंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं. पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड और बुडको द्वारा तैयार यह परिसर न केवल अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को सुगम बनाता है, बल्कि शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का नया उदाहरण भी पेश करता है.

मार्च महीने में ही इसका उद्घाटन संभव है. इसके बाद यहां मिलने वाले सारी सुविधाओं की बुकिंग घर बैठे भी की जा सकती है. पटना नगर निगम की ओर से यह सुविधा व्हाट्सएप चैटबॉट, 24 घंटे हेल्पलाइन और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराई जायेगी. फिलहाल पोर्टल को विकसित किया जा रहा है. सबकुछ हो जाने के बाद परिजन व्हाट्सप्प से भी अंतिम संस्कार की बुकिंग कर सकते हैं.
Add News18 as
Preferred Source on Google

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, लोग व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 9264447449 पर मैसेज कर सीधे स्लॉट बुक कर सकते हैं. यह चाटबॉट अभी भी एक्टिव है. कुछ दिनों बाद इसमें अंतिम संस्कार बुकिंग वाली सुविधा भी ऐड कर दी जाएगी. इतना ही नहीं, अंतिम संस्कार के बाद डेथ सर्टिफिकेट और बर्निंग सर्टिफिकेट भी ऑनलाइन जारी किया जाएगा. ऑनलाइन ही शवदाह गृह में बुकिंग किया जा सकता है.

पटना के इस आधुनिक शवदाह गृह में एक साथ 18 शवों का अंतिम संस्कार किया जा सकता है. यहां 4 इलेक्ट्रिक ओवन, 6 सेमी-इलेक्ट्रिक और 8 पारंपरिक चिताओं की व्यवस्था की गई है. इलेक्ट्रिक ओवन को गुजरात से मंगाया गया है. इसमें 30 मिनट में अंतिम संस्कार पूरा हो जाता है. इसके लिए खास इलेक्ट्रिक पैनल भी लगाया गया है. अस्थि विसर्जन के लिए दो दो तालाब भी बनाया गया है. एक 45 मीटर जबकि दूसरा 65 मीटर का है.

इस परिसर में 12 फीट की आदिशक्ति की प्रतिमा बनाई गई है. जालंधर के कारीगरों ने इसका निर्माण किया है. तमिलनाडु के आदियोगी के तर्ज पर इसका निर्माण हुआ है. आसपास लाइटिंग की भी शानदार व्यवस्था की गई है. पूरे कैंपस में अलग अलग पेड़-पौधे लगाए गए हैं. फिलहाल इनके बड़े होने का इंतजार किया जा रहा है. आंध्र प्रदेश से करीब 12 हजार पौधों से कैम्पस को हरा भरा बनाया गया है. आपको बता दें कि सिर्फ पटना ही नहीं, बल्कि बिहार के 40 अलग अलग शवदाहगृह को मॉडर्न लुक दिया जा रहा है.
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.