6 माह बाद मिलेगा 2 लाख तक का अतिरिक्त सहयोग
योजना की खास बात यह है कि महिलाओं द्वारा शुरू किए गए रोजगार का छह महीने बाद आकलन किया जाएगा. यदि लाभुक ने राशि का सही उपयोग कर सफल रोजगार शुरू किया है, तो उसे जरूरत के अनुसार 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी जाएगी. यह राशि चरणों में मिलेगी, हालांकि अच्छे प्रदर्शन की स्थिति में एकमुश्त भुगतान का भी प्रावधान है.
उत्पादों की मार्केटिंग की भी व्यवस्था
सरकार ने विभागों को निर्देश दिया है कि योजना से जुड़ी महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की मार्केटिंग सुनिश्चित की जाए. साथ ही इन लाभार्थियों को सरकारी कार्यों से भी जोड़ा जाएगा, जैसे-पोशाक निर्माण, सुधा बिक्री केंद्र और ‘दीदी की रसोई’ जैसी योजनाएं.
सीएम नीतीश ने अपने पोस्ट में क्या लिखा?
आप सभी को पता है कि हमलोगों ने राज्य की महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ प्रारंभ की है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि प्रत्येक परिवार की एक महिला उद्यमी के रूप में स्थापित हो सके. इस योजना के प्रथम चरण में प्रत्येक परिवार की एक महिला को 10 हजार रु० की राशि प्रदान की गई है. अब तक 1 करोड़ 56 लाख लाभुकों के खाते में डी०बी०टी० के जरिए राशि अंतरित कर दी गई है. ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में शेष आवेदकों को भी नियमानुसार डी०बी०टी० के माध्यम से उनके खाते में शीघ्र ही राशि भेज दी जाएगी. इस योजना में महिलाओं द्वारा रोजगार शुरू करने के 6 माह बाद आकलन करते हुए आवश्यकतानुसार 2 लाख रु० तक की अतिरिक्त सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है. मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत चयनित लाभुकों को 2 लाख रु० तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है. यह राशि चरणों में दी जाएगी बशर्ते कि पूर्व में दी गई राशि का रोजगार करने हेतु सदुपयोग किया गया हो. अच्छा रोजगार चलने की स्थिति में आवश्यकतानुसार एकमुश्त राशि भी दी जा सकेगी. विभाग को निदेश दिया गया है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजनान्तर्गत लाभुकों द्वारा उत्पादित वस्तुओं की मार्केंटिग की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. साथ ही इन लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी विभागों के कार्यों से भी जोड़ा जाए जैसे- पोशाक निर्माण, सुधा बिक्री केन्द्र, दीदी की रसोई इत्यादि. इस योजना के क्रियान्वयन से न सिर्फ महिलाओं की स्थिति और ज्यादा मजबूत होगी बल्कि राज्य के अंदर ही उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे तथा रोजगार के लिए मजबूरी में लोगों को राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा.
पलायन रोकने में मिलेगी मदद
सरकार का मानना है कि इस योजना से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, परिवारों की आय बढ़ेगी और रोजगार के लिए राज्य से बाहर जाने की मजबूरी कम होगी. महिला सशक्तिकरण के साथ यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति देने वाली मानी जा रही है.
इन एजेंडों पर लगी मुहर
बिहार कैबिनेट ने बिहार सैनिक सेवा न्याय शाखा भर्ती संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी.
बिहार ज्यूडिशियल ऑफिसर्स कंडक्ट रूल-2026 को स्वीकृति.
बिहार वैश्विक क्षमता एससी नीति-2026 को मंजूरी मिली.
बिहार में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 1700 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मंजूरी.
बिहार निवास, नई दिल्ली के पुनर्विकास के लिए 1,48,000 करोड़ रुपये की मंजूरी.
राजस्व भूमि सुधार विभाग में बड़ा फैसला, बिहार राजस्व सेवा नियमावली 2010 में संशोधन कर प्रतिनियुक्त अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी के कार्य निर्धारण के प्रस्ताव पर मुहर.
पर्यटन विभाग के अंतर्गत बिहार इको टूरिज्म डेवलपमेंट सोसाइटी-2026 के गठन को मंजूरी.
बिहार कैबिनेट ने बिहार सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026 लागू की.
बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली-1976 के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स के उपयोग से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी.
भू-राजस्व विवादों के निपटारे के लिए भूमि सुधार उपसमाहर्ता के 101 पदों को मंजूरी.
ब्रांडेड इथेनॉल नीति के तहत चीनी मिल स्थापना के लिए डीपीआर तैयार करने को मंजूरी.
नवगठित सिविल विमानन विभाग में 99 नए पदों को मंजूरी.
छात्रों को भी बड़ी सौगात
बिहार सरकार ने पिछड़ा वर्ग (BC) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के छात्रों के लिए बड़ी सौगात का ऐलान किया है. विभिन्न छात्र कल्याण योजनाओं में राशि बढ़ाने और पात्रता का दायरा विस्तृत करने का निर्णय लिया गया है, जिससे लाखों विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा. मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान योजना के तहत मिलने वाली राशि ₹1000 से बढ़ाकर ₹2000 कर दी गई है. इस मद में कुल 19 करोड़ 56 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है. बढ़ी हुई दर से भुगतान 1 जनवरी 2026 से किया जाएगा.
प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति दर में वृद्धि
मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति दर भी दोगुनी कर दी गई है. अब कक्षा 1 से 4 तक के छात्रों को ₹1200 वार्षिक, कक्षा 5 से 6 तक ₹2400 वार्षिक और कक्षा 7 से 10 तक के छात्रों को ₹3600 वार्षिक छात्रवृत्ति मिलेगी. इसके लिए 1751 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है.
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