6 जनवरी 2026 को छात्रा अपने कमरे में अचेत अवस्था में पाई गई थी. उसे तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह वेंटिलेटर पर रही. 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई. अस्पताल की शुरुआती रिपोर्ट में अधिक मात्रा में नींद की गोलियां और टाइफाइड को मौत का कारण बताया गया था.
6 जनवरी 2026 को छात्रा अपने कमरे में अचेत अवस्था में पाई गई थी. उसे तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह वेंटिलेटर पर रही. 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई. अस्पताल की शुरुआती रिपोर्ट में अधिक मात्रा में नींद की गोलियां और टाइफाइड को मौत का कारण बताया गया था.
हालांकि, छात्रा के परिवार ने यौन उत्पीड़न और मामले को दबाने का आरोप लगाया. 9 जनवरी को एफआईआर दर्ज की गई. विरोध प्रदर्शन और जनदबाव के बाद एसआईटी का गठन किया गया. 12 जनवरी को पीएमसीएच में हुए पोस्टमॉर्टम में शरीर पर चोट, खरोंच और संघर्ष के निशान मिले, जिससे यौन हिंसा की आशंका जताई गई. हालांकि मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका. बाद में कपड़ों की फोरेंसिक जांच में स्पर्म के निशान मिलने की पुष्टि हुई.
जांच के दौरान हॉस्टल को सील कर दिया गया. हॉस्टल मालिक और एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया, जबकि लापरवाही के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया. एसआईटी ने अब तक 20 से ज्यादा संदिग्धों के डीएनए सैंपल लिए हैं और 8 अन्य लोगों की जांच की तैयारी है. छात्रा का मोबाइल फोन, डायरी और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए हैं. मोबाइल में साइनाइड और नींद की गोलियों से जुड़े सर्च भी मिले हैं.
31 जनवरी को बिहार सरकार ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. परिवार के दबाव के बाद फरवरी की शुरुआत में सीबीआई ने केस अपने हाथ में ले लिया. अब सभी की नजर सीबीआई जांच पर टिकी है.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें
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