Maulana Shahabuddin Razvi Fatwa: मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने मुसलमानों को नया साल न मनाने का फतवा जारी किया है. उन्होंने कहा कि 1 जनवरी को मनाया जाने वाला नया साल यूरोपियन संस्कृति से जुड़ा हुआ है और यह ईसाई समुदाय की परंपरा और यादगार है. इसको लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि नया साल मुसलमानों का त्योहार नहीं है. इस्लामी कैलेंडर के अनुसार नया साल मोहर्रम महीने से शुरू होता है, जबकि हिंदू कैलेंडर का नया साल चैत्र महीने से माना जाता है. उन्होंने कहा कि 1 जनवरी को मनाया जाने वाला नया साल यूरोपियन संस्कृति से जुड़ा हुआ है और यह ईसाई समुदाय की परंपरा और यादगार है. ऐसे में मुसलमानों को इसकी नकल नहीं करनी चाहिए.
मौलाना ने युवाओं से की अपील
मौलाना ने खास तौर पर मुस्लिम युवाओं से अपील की कि वे नए साल का जश्न न मनाएं, न पार्टी करें और न ही किसी तरह के सेलिब्रेशन में शामिल हों. उन्होंने कहा कि शरीयत में इसकी इजाजत नहीं है. मौलाना ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर कोई मुसलमान नए साल का जश्न मनाता है, तो उलमा-ए-कराम उसे सख्ती से रोकेंगे और समझाने की कोशिश करेंगे.
गिरिराज सिंह ने क्या कहा?
इस फतवे पर राजनीति भी तेज हो गई है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मौलाना शहाबुद्दीन रजवी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. गिरिराज सिंह ने कहा कि मौलाना को सबसे पहले अपने अंदर की विकृतियों को खत्म करने की जरूरत है. उन्होंने आरोप लगाया कि मौलाना जैसे लोग समाज में नफरत फैलाने का काम करते हैं. गिरिराज सिंह ने कहा कि मौलाना को लव जिहाद, हेट स्पीच और जबरन धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर बोलना चाहिए और इन्हें रोकने की पहल करनी चाहिए.
ऐसे फतवे समाज को बांटने का काम करते हैं: गिरिराज सिंह
गिरिराज सिंह ने कहा कि देश में हर नागरिक को अपने तरीके से खुशियां मनाने का अधिकार है और इस तरह के फतवे समाज को बांटने का काम करते हैं. नए साल के मौके पर मौलाना के फतवे और उस पर सियासी बयानबाजी के बाद यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है. जहां एक ओर मौलाना इसे धार्मिक आस्था से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक सौहार्द से जोड़कर देखा जा रहा है.
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A Multimedia Journalist having experience of more than 14 years in mainstream media Industry. Currently Working with Network 18 Media & Investment Limited for News18 Hindi Website as a Chief Sub Editor. He …और पढ़ें
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