Expensive Rockit Apple in Patna: पटना के बाजार में न्यूजीलैंड से आ रहे ‘रॉकेट सेब’ चर्चा का विषय बना हुआ है. गोल्फ बॉल के आकार वाले इस सेब की कीमत काफी हाई है. जिसे मुख्य रूप से रसूखदार लोग ही खरीदते हैं. 20 साल के शोध से तैयार यह फल अपनी खास पैकेजिंग और स्वाद के कारण ‘स्टेटस सिंबल’ बन चुका है.
आधा किलो में 5 सेव, कीमत 400 रुपये
बाजार के दुकानदार धर्मेंद्र प्रसाद गुप्ता बताते हैं कि यह सेब सीधे न्यूज़ीलैंड से इंपोर्ट होकर दिल्ली या कोलकाता के रास्ते पटना पहुंचता है. आधा किलो के ट्रांसपेरेंट डिब्बे में केवल 5 सेव होते हैं. इसकी कीमत करीब 400 रुपये है. यानी एक सेब लगभग 80 रुपये का पड़ता है. एक किलो में करीब 10 सेव मिलते हैं. दुकानदार के मुताबिक इसकी डिमांड बहुत कम है. दिनभर में मुश्किल से 2-3 डिब्बे ही बिकते हैं.
क्या है इस रॉकेट सेव की खासियत
रॉकेट सेब आकार में गोल्फ बॉल जितना छोटा होता है, लेकिन स्वाद और पोषण के मामले में बड़े सेबों से कम नहीं है. इसका स्वाद मीठा और हल्का खट्टापन लिए होता है. बनावट कुरकुरी और रसदार होती है. छोटे आकार के कारण इसे पॉकेट-साइज़ हेल्दी स्नैक भी कहा जाता है. बच्चे और युवा दोनों पसंद करते हैं.
वैज्ञानिक रिसर्च से तैयार प्रीमियम फल
यह सेब विशेष वैज्ञानिक अनुसंधान के बाद विकसित किया गया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक ब्रांडेड फल के रूप में बेचा जाता है. इसकी पैकेजिंग ट्रांसपेरेंट ट्यूब में होती है. इसे कहीं भी ले जाना आसान होता है. दुकानदार का मानना है कि इसकी ब्रांडिंग, यूनिक साइज और प्रीमियम पैकिंग ही इसे महंगे फल की श्रेणी में अलग पहचान दिलाती है.
न्यूजीलैंड में होती है उपज
इस रॉकेट सेब मुख्य रूप से न्यूज़ीलैण्ड के Hawke’s Bay क्षेत्र में उगाए जाते हैं. यहां की मिट्टी और पर्यावरण सेब की खेती के लिए बेस्ट माना जाता है. इसके अलावा इनका उत्पादन लाइसेंस के तहत दूसरे देशों में भी होता है. Rockit Global Limited इस सेब का व्यापारिक मालिक है और इसके वितरण, पैकेजिंग का काम संभालता है. इसके सबसे बड़ा बाजार चीन को माना जाता है. कंपनी इसे दुनिया का सबसे पहला मिनी सेब मानती है. करीब 20 साल की शोध के बाद इसे विकसित किया गया है.
पोषण से है भरपूर
इसमें फाइबर, विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. यह सभी पाचन, इम्युनिटी और त्वचा के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. यही कारण है कि हेल्थ-कॉन्शियस लोग इसे डाइट स्नैक के रूप में खरीदना पसंद करते हैं.
फल व्यापारियों का कहना है कि यह सेब अब सिर्फ खाने का फल नहीं, बल्कि स्टेटस सिंबल बनता जा रहा है. छोटे आकार के बावजूद इसकी ऊंची कीमत और विदेशी ब्रांड टैग इसे खास बनाते हैं. यही वजह है कि आम ग्राहकों की बजाय हाई-प्रोफाइल लोग ही इसे खरीदते दिखते हैं.
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मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.
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