आलोक कुमार को इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. आलोक अभ्यर्थियों और सॉल्वर गैंग के बीच तालमेल बिठाकर धांधली कर रहा था. पुलिस को यह भी जांच में पता चला कि गिरोह सिर्फ लिखित परीक्षा ही नहीं बल्कि फिजिकल परीक्षा (पीईटी) में भी सेंधमारी की फिराक में था.
प्रतीकात्मक फोटो
इस पूरी धांधली में लिखित परीक्षा पास कराने के नाम पर 50 हजार रुपये लेकर सेटिंग करने की बात सामने आ रही है. आरोपी आलोक कुमार पर (अरवल) पर 50 हजार रुपये लेकर अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा पास कराने का आरोप लगा है. 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. राजेश कुमार (सारण)दो जगह से फर्जीवाड़े की कोशिश का आरोप है. रणवीर कुमार (लखीसराय) और संजीत (औरंगाबाद) पर अपने भाई की जगह परीक्षा देने का आरोप है.
लिखित परीक्षा में सफल होने के बाद ये चारों फिजिकल परीक्षा यानी पीईटी में शामिल होने के लिए पहुंचे थे. वहां बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन और दस्तावेजों की जांच में इनकी गड़बड़ी पकड़ी गई. फिंगरप्रिंट और फोटो मिलान के समय अंतर पाए जाने पर अधिकारियों को शंका हुई और फिर मामले का खुलासा हुआ कि इन्होंने लिखिति परीक्षा में अपनी जगह दूसरे कैंडिडेट को बैठाकर अपनी परीक्षा दिलाई थी.
नौकरी के लिए पैसा देने वालों की भी बन रही है लिस्ट
आलोक कुमार को इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. आलोक अभ्यर्थियों और सॉल्वर गैंग के बीच तालमेल बिठाकर धांधली कर रहा था. पुलिस को यह भी जांच में पता चला कि गिरोह सिर्फ लिखित परीक्षा ही नहीं बल्कि फिजिकल परीक्षा (पीईटी) में भी सेंधमारी की फिराक में था. अब पुलिस उन सभी अभ्यर्थियों की लिस्ट तैयार कर रही है जिन्होंने इस गिरोह को पैसे दिए थे जिससे कि उनके खिलाफ भी कानूनी शिकंजा कसा जा सके.
आपको बता दें कि अगस्त 2024 को होने वाली सिपाही भर्ती परीक्षा में कई परीक्षार्थियों को परीक्षा नियमों का उल्लंघन करने के मामले में पकड़ा गया था. कई परीक्षार्थी और उनके मददगार इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और वॉकी-टॉकी के साथ पकड़े गए थे.
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