कृषि सब्सिडी वितरण में भारी अनियमितता
प्रधानमंत्री आवास योजना में जियो-टैगिंग पर सवाल
रिपोर्ट में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माण कार्यों में गंभीर विसंगतियां सामने आईं. नमूना जांच में पाया गया कि समस्तीपुर और दरभंगा में कुछ आवासों की तस्वीरें प्लिंथ स्तर के एक दिन बाद ही पूर्ण निर्माण दर्शाती हुई अपलोड कर दी गईं, जो व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है. इससे संकेत मिलता है कि आवास निर्माण की वास्तविक तिथियों से अलग समय पर तस्वीरें अपलोड कर जियो-टैगिंग की गई और निर्धारित जांच प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ.
वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र में बड़ा खेल
CAG ने परिवहन विभाग में भी गंभीर अनियमितता बताई है. स्वचालित परीक्षण केंद्रों की प्रक्रिया का पालन किए बिना वाहनों को फिटनेस प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए. जांच में पाया गया कि 47,223 वाहनों में से 42,672 यानी 90% से अधिक वाहनों को नियमों का उल्लंघन कर फिटनेस प्रमाणपत्र दिया गया. इससे सरकार को ₹2.27 करोड़ का राजस्व नुकसान हुआ.
राजस्व वसूली में भारी बकाया
रिपोर्ट के अनुसार 31 मार्च 2023 तक ₹4844.46 करोड़ राजस्व बकाया था, जिसमें ₹1430.32 करोड़ पांच वर्षों से अधिक समय से लंबित है. बिक्री कर, वाहन कर, खनन, भू-राजस्व और अन्य विभागों में हजारों करोड़ रुपये की वसूली लंबित पाई गई. कई विभागों ने पांच साल से अधिक पुराने बकायों का पूरा विवरण भी उपलब्ध नहीं कराया.
शिक्षा और आधारभूत संरचना में भी गड़बड़ी
बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम द्वारा ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने से सरकारी कंपनी को ₹94.25 लाख की हानि हुई. विधानसभा में छात्रों के ड्रॉप-आउट रोकने का मुद्दा भी उठा, जिस पर शिक्षा विभाग ने निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की बात कही.
राजस्व अभिलेख गायब, जांच के आदेश
उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि राजस्व और भूमि सुधार विभाग के लगभग 5% दस्तावेज गायब हैं. उन्हें नष्ट करने या गायब करने वालों की पहचान की जा रही है और रिकॉर्ड रिकवरी के लिए विशेष तंत्र बनाया गया है. इस बीच राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने सदन में मुख्यमंत्री और मंत्रियों द्वारा ताली बजाने की परंपरा पर सवाल उठाया.
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