Bihar Vidhan Parishad: पटना में बिहार विधान परिषद की कार्यवाही शराबबंदी मुद्दे पर हंगामेदार रही, जहां नीरज कुमार और सुनील सिंह के बीच तीखी नोकझोंक हुई. सत्ता और विपक्ष ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए. सरकार की ओर से विजय चौधरी ने कार्रवाई के लिए ठोस जानकारी देने की बात कही और नीतीश कुमार की शराबबंदी नीति का बचाव किया. इसी दौरान भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट में आवास योजना में अनियमितताओं का मुद्दा भी उठा. लगातार हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई.
बिहार विधान परिषद में नीरज कुमार और और सुनील सिंह के बीच हुई बहस.
हमाम में सब नंगे हैं: सुनील सिंह
मामले पर सरकार की ओर से वित्त मंत्री विजय चौधरी ने जवाब देते हुए कहा कि अगर कहीं शराब की बिक्री या तस्करी हो रही है तो ठोस जानकारी दी जाए, ताकि कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि सिर्फ आरोप लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा और राज्य में नीतीश कुमार की अगुवाई में शराबबंदी लागू है, जिसे प्रभावी बनाने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है।
चोरी की गाड़ियों पर भी उठा सवाल
शराब तस्करी में इस्तेमाल हुई चोरी की गाड़ियों को असली मालिकों को वापस देने का मुद्दा भी सदन में उठा. खालिद अनवर ने कहा कि कई मामलों में गाड़ी चोरी होने के बाद उसका इस्तेमाल शराब तस्करी में होता है और जब वाहन जब्त होता है तो मालिक से ही पैसे मांगे जाते हैं। उन्होंने पटना के आजमाकुआ क्षेत्र का मामला उठाया. इस पर मंत्री विजेंद्र यादव ने कहा कि ऐसे मामलों की समीक्षा के लिए कमेटी बनाई जाएगी और जरूरत पड़ने पर नियमों में बदलाव कर वास्तविक वाहन मालिकों को राहत दी जाएगी.
CAG रिपोर्ट में आवास योजना पर सवाल
इसी बीच भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक CAG की रिपोर्ट में भी कई अनियमितताओं का मामला सामने आया। रिपोर्ट में समस्तीपुर और दरभंगा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माण कार्यों की जियो टैगिंग में गड़बड़ियों की बात कही गई. रिपोर्ट के मुताबिक कुछ घरों में प्लिंथ से लेकर छत की ढलाई तक का काम एक ही दिन या बेहद कम समय में पूरा दिखाया गया, जो व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है.
फार्मेसी कॉलेज को NOC नहीं मिलने का मुद्दा
सदन में फार्मेसी कॉलेजों को एनओसी नहीं मिलने का मामला भी उठा. कहा गया कि सभी मानक पूरे होने के बावजूद अनुमति लंबित है, जिससे डी फार्मा और बी फार्मा के हजारों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. सभापति ने इस मामले पर सरकार से विस्तृत जवाब देने को कहा और चर्चा को अगले दिन तक के लिए टाल दिया. लगातार हंगामे और तीखी बहस के बीच अंततः विधान परिषद की कार्यवाही स्थगित कर दी गई. सदन में उठे इन मुद्दों ने राज्य की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
About the Author

A Multimedia Journalist having experience of more than 14 years in mainstream media Industry. Currently Working with Network 18 Media & Investment Limited for News18 Hindi Website as a Chief Sub Editor. He …और पढ़ें
Discover more from India News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.