हर श्रेणी में 35 पैसे बढ़ाने का प्रस्ताव
बिजली कंपनियों की ओर से दिए गए प्रस्ताव के अनुसार घरेलू, व्यावसायिक और अन्य सभी श्रेणियों में प्रति यूनिट 35 पैसे की दर बढ़ाई जाएगी. इससे खासकर ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं पर असर पड़ सकता है. वर्तमान में 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलने के बाद जो अतिरिक्त यूनिट खपत होती है, उस पर 35 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त चार्ज लगाने का प्रस्ताव है.
ग्रामीण घरेलू बिजली हो सकती है महंगी
प्रस्ताव के मुताबिक, 125 यूनिट फ्री बिजली के बाद खपत करने वाले ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं को ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है. इससे ग्रामीण इलाकों में बिजली बिल बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, जो आम लोगों की जेब पर असर डालेगा.
शहरी उपभोक्ताओं को मिल सकता है फायदा
हालांकि, बिजली कंपनियों ने दो स्लैब को एक करने का भी प्रस्ताव दिया है. अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो शहरी घरेलू उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिल सकती है. स्लैब के एक होने से शहरी इलाकों में बिजली दरों की जटिलता कम होगी और कुछ श्रेणियों को लाभ मिलने की संभावना है.
छोटे दुकानदारों को राहत का प्रस्ताव
बिजली कंपनियों ने छोटे दुकानदारों के लिए फिक्स चार्ज कम करने का भी सुझाव दिया है. इससे छोटे व्यवसायियों को कुछ राहत मिल सकती है, हालांकि यूनिट दर बढ़ने से कुल बिल पर इसका कितना असर पड़ेगा, यह टैरिफ मंजूरी के बाद ही साफ होगा.
आम लोग दे सकेंगे अपनी राय
इस प्रस्ताव को लेकर विद्युत विनियामक आयोग जनसुनवाई करेगा, जिसमें आम उपभोक्ता भी अपनी राय रख सकते हैं. जनसुनवाई की तारीखें तय कर दी गई हैं.
15 जनवरी को बेगूसराय
19 जनवरी को गया
5 फरवरी को पटना स्थित विद्युत भवन मुख्यालय
इन सुनवाइयों के बाद आयोग अंतिम फैसला लेगा. फिलहाल बिजली दर बढ़ोतरी के प्रस्ताव ने उपभोक्ताओं की चिंता जरूर बढ़ा दी है और अब सबकी नजर आयोग के फैसले पर टिकी हुई है.
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