हजारीबाग स्थित बीएसएफ प्रशिक्षण केंद्र एवं स्कूल के रानी लक्ष्मीबाई परेड ग्राउंड में शनिवार को दीक्षांत परेड समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर 375 नवआरक्षकों ने देश सेवा की शपथ ली।
घने कुहासे के बीच आयोजित इस समारोह में नवआरक्षकों ने भारत माता की जय के नारों के साथ देश की अखंडता और एकता बनाए रखने का संकल्प लिया। बीएसएफ बैंड की धुन और पारंपरिक कार्यक्रमों ने माहौल को देशभक्तिपूर्ण बना दिया।
इन नवआरक्षकों ने 44 सप्ताह का कठिन बुनियादी प्रशिक्षण पूर्ण किया।
दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बीएसएफ मेरु, हजारीबाग के महानिरीक्षक धीरेंद्र संभाजी कुटे ने परेड की सलामी ली और उसका निरीक्षण किया। उन्होंने नवआरक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत परेड के बाद वे औपचारिक तौर पर सीमा सुरक्षा बल, जो भारत की प्रथम रक्षा पंक्ति है, के सदस्य बन गए हैं।
इस अवसर पर जवानों के माता-पिता सहित हजारीबाग के कई गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
प्रशिक्षण के दौरान नवआरक्षकों को शारीरिक दक्षता, हथियार चलाने का कौशल, विभिन्न कानूनों की जानकारी, अंतरराष्ट्रीय कानून, मानवाधिकार, आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने के तरीके सिखाए गए।
इसके अतिरिक्त, उन्हें खेलकूद और सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने का भी प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले जवानों के माता-पिता ने अपने बेटों के देश सेवा में जाने पर गर्व व्यक्त किया।
प्रशिक्षण के दौरान इन्हें शारीरिक, हथियार चलाना, विभिन्न कानून की जानकारी, अंतरराष्ट्रीय कानून की जानकारी, मानवाधिकार, आतंकवाद, उग्रवाद से निपटने का भी प्रशिक्षण दिया गया. इसके अलावे खेलकूद और सामाजिक गतिविधि में हिस्सा लेने की भी इन्हें प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण पाने वाले जवानों के माता-पिता ने कहा कि बेहद गर्व की बात है कि बेटा अब देश की सेवा में जा रहा है।
हजारीबाग बीएसएफ मेरु प्रशिक्षण केंद्र में ट्रेनिंग लेकर जवान देश की सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान देना प्रारंभ करने जा रहे हैं. जो देश समेत हजारीबाग के लिए भी गौरव का पल है।
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