पन्ना में नवीन आबकारी नीति वर्ष 2026-27 के तहत शराब दुकानों के निष्पादन का पहला चरण मंगलवार को पूरा हुआ। कलेक्टर ऊषा परमार की अध्यक्षता में जिला निष्पादन समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें विभाग को उल्लेखनीय राजस्व बढ़ोतरी मिली। ई-टेंडर कम ऑक्शन की पारदर्शी प्रक्रिया में बृजपुर और शाहनगर समूहों ने आरक्षित मूल्य से कुल 10 करोड़ 21 लाख 65 हजार 445 रुपए अधिक की बोली लगाकर सभी को चौंका दिया। वर्तमान लाइसेंसियों ने भी अपनी पकड़ बनाए रखी। बृजपुर और शाहनगर समूह में जोरदार प्रतिस्पर्धा बृजपुर समूह में 16.39 करोड़ रुपए के आरक्षित मूल्य के मुकाबले 23,04,99,999 रुपए की सबसे ऊंची बोली लगी। यह आरक्षित मूल्य से करीब 40.56 प्रतिशत अधिक है। वहीं शाहनगर समूह में 21.01 करोड़ रुपए के आरक्षित मूल्य के बदले 24,57,99,999 रुपए की सफल बोली प्राप्त हुई। इसमें करीब 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, मोहन्द्रा और सलेहा समूहों के लिए पहले चरण में कोई निविदा प्राप्त नहीं हुई। प्रक्रिया के दौरान पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू, जिला आबकारी अधिकारी मुकेश कुमार मौर्य और सहायक आबकारी अधिकारी विवेक त्रिपाठी सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। 5 मार्च को होगा दूसरा चरण पहले चरण की सफलता के बाद विभाग ने अब दूसरे चरण की तैयारी कर ली है। 5 मार्च 2026 को होने वाली ऑनलाइन नीलामी में जिले के तीन प्रमुख समूहों का निष्पादन किया जाएगा। इनका कुल आरक्षित मूल्य लगभग 72.32 करोड़ रुपये है। दूसरे चरण के लिए समूहों का चयन रेंडमाइजेशन पद्धति से किया गया है। ये रहेंगे दूसरे चरण के प्रमुख समूह गुनौर समूह में गुनौर, बारछ और अमझिरिया की दुकानें शामिल हैं। इसका आरक्षित मूल्य 23 करोड़ 13 लाख 46 हजार 307 रुपए है। पवई समूह में पवई, कृष्णगढ़ और मुड़वारी की दुकानें शामिल हैं। इसका आरक्षित मूल्य 27 करोड़ 14 लाख 54 हजार 821 रुपए रखा गया है, जो इस चरण में सबसे अधिक है। अजयगढ़ समूह सबसे बड़ा है, जिसमें अजयगढ़, सिंहपुर, मडला, बरियारपुर और बनहरी कला की कुल 5 दुकानें शामिल हैं। इसका आरक्षित मूल्य 22 करोड़ 4 लाख 65 हजार 254 रुपए है। आबकारी विभाग को उम्मीद है कि दूसरे चरण में भी कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी और जिले को अच्छी राजस्व वृद्धि प्राप्त होगी।
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