पन्ना के निजी अस्पताल में महिला ने जटिल ऑपरेशन के बाद एक साथ तीन बच्चों (दो लड़के और एक लड़की) को जन्म दिया। इस दौरान महिला का हीमोग्लोबिन लेवल कम था, लेकिन डॉक्टरों की टीम और युवक के समय पर किए गए रक्तदान से जच्चा-बच्चा की जान बचाई जा सकी। रामपुर निवासी संजीदा खातून (पति अमीन खान) को गंभीर स्थिति में अस्पताल लाया गया था। उनका हीमोग्लोबिन स्तर गिरकर मात्र 4 पर पहुंच गया था। तीन बच्चों की डिलीवरी के साथ इतना कम हीमोग्लोबिन डॉक्टरों के लिए एक बड़ी चुनौती थी। डॉक्टरों और नर्सों की टीम ने इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। उन्होंने अपनी सूझबूझ और विशेषज्ञता से संजीदा की जान बचाई और तीनों नवजातों को सुरक्षित दुनिया में लाए। ऑपरेशन के दौरान जब परिजनों को खून की सख्त जरूरत थी और वे रात करीब 1 बजे मदद के लिए भटक रहे थे, तब धाम मोहल्ला निवासी सरफराज मोहम्मद आगे आए। उन्होंने तुरंत रक्तदान कर संजीदा की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सरफराज के इस त्वरित फैसले ने न केवल संजीदा की जान बचाई, बल्कि तीनों नवजातों को मां का साया भी प्रदान किया। संजीदा के परिवार में पहले से तीन लड़के और तीन लड़कियां थीं। अब इन तीन नए मेहमानों के आने से उनके कुल बच्चों की संख्या नौ हो गई है। प्रसूता की मां कल्लो खातून ने बताया कि 75 साल की उम्र में उन्होंने ऐसा मामला न कभी सुना और न देखा। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, वर्तमान में मां और तीनों नवजात स्वस्थ हैं। डॉक्टरों की विशेष निगरानी में हैं।
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