राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पिछले एक साल में हुए काम और आगे की योजनाओं पर, संगठन की फैसले लेने वाली शीर्ष समिति की तीन दिन की बैठक में चर्चा होगी. हरियाणा के पानीपत के समालखा में यह मीटिंगतीन दिन तक चलेगी, इसमें मोहन भागवत के अलावा, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नवीन भी शामिल होंगे.
हरियाणा के पानीपत में संघ की मीटिंग के लिए मोहन भागवत पहुंच गए हैं. (फाइल फोटो)
जानकारी के अनुसार, इस मीटिंग में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, संघ के दूसरे बड़े नेता और इसके 32 सहयोगी संगठनों के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारी अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (एबीपीएस) में शामिल होंगे.
तीन दिवसीय सभा का आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और दत्तात्रेय होसबले ने शुभारंभ किया. इस दौरान
भारत माता की फोटो पर पुष्प अर्पित किए गए.
इससे पहले, पानीपत के समालखा में प्रेस कॉन्फ्रेंस में, आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील अंबेकर ने बताया कि बैठक में 2025-26 के दौरान संघ की गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी और अलग-अलग क्षेत्रों में की गई अहम पहल की रिपोर्ट पेश की जाएगी. इस साल संघ का शताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है, इसलिए बैठक में समारोहों के तहत हुए बड़े कार्यक्रमों और अभियानों पर भी विस्तार से चर्चा होगी. इन कार्यक्रमों में गृह संपर्क, हिंदू सम्मेलन, युवा सम्मेलन, प्रमुख नागरिकों की सभाएं और सामाजिक सद्भाव बैठकें शामिल हैं.
अंबेकर ने बताया कि आरएसएस ‘गृह संपर्क’ के तहत 10 करोड़ से ज्यादा घरों तक पहुंच चुका है. उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में संघ के काम का विस्तार हुआ है, जिसमें करीब 6,000 नई शाखाएं जुड़ी हैं, और इसका पूरा विवरण भी बैठक में पेश किया जाएगा.
अंबेकर ने बताया कि तीन दिन की बैठक में संघ शिक्षा वर्ग (प्रशिक्षण शिविर), कार्यकर्ता विकास वर्ग (कार्यकर्ता विकास पाठ्यक्रम) और दूसरे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की योजनाओं पर चर्चा होगी और अगले साल के लिए संघ की कार्य योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा.
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Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें
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