पंचकूला में खुलासा करते हुए डीसीपी सृष्टि गुप्ता।
पंचकूला पुलिस की एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट ने विदेश भेजने के नाम पर चल रहे एक बड़े अंतर्राज्यीय फर्जी वर्क वीज़ा रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शिकायतकर्ता महिला पंचकूला के सेक्टर-14 स्थित वेस्टएड वीजा सोल्यूशंस की प्र
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि मिली शिकायत के आधार पर 22 जुलाई 2025 को थाना सेक्टर-14 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 61, 316(2), 318(4), 336(3), 338, 340 एवं इमिग्रेशन एक्ट की धारा 24 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। शिकायत में बताया गया था कि वह पिछले साल उनके जानकार वीज़ा एजेंटों ने अपने ग्राहकों को फिनलैंड, ऑस्ट्रेलिया और इटली का वर्क वीज़ा दिलाने के लिए आरोपी गुरचरण सिंह से संपर्क कराया था।
प्रतिनिधि तरनप्रीत कौर ने 8 युवाओं के वीज़ा के नाम पर उसे 48,25,600 रुपये सौंपे और उनके पासपोर्ट व दस्तावेज़ भी दे दिए। आरोप है कि गुरचरण सिंह ने मार्च व अप्रैल में फर्जी उड़ान तारीखें दीं, लेकिन किसी की फ्लाइट सुनिश्चित नहीं हुई। इसके बाद अन्य एजेंट ने अपने क्लाइंट्स के साथ तरनप्रीत कौर के कार्यालय पहुंचीं और दबाव बनाकर दो ग्राहकों के 8 लाख रुपए तरनप्रीत से ही वापस करवाए, जबकि यह राशि गुरचरण को दी गई थी। जब शिकायतकर्ता ने गुरचरण सिंह से पैसे वापस लेने की कोशिश की, तो वह फरार हो गया।
पुलिस गिरफ्त में आरोपी और पीछे नकाब में पकड़े गए आरोपी।
पंजाब में दबिश देकर पकड़े
डीसीपी ने आगे बताया कि हमारी एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट इन्चार्ज योगविन्द्र सिंह व जांच अधिकारी एएसआई संदीप ने टीम की साइबर सेल इन्चार्ज रामू स्वामी की टीम की मदद से कार्रवाई करते हुए 13 नवंबर को मुख्य आरोपी गुरचरण सिंह को पंजाब के नवाशहर से दबिश देकर गिरफ्तार किया और उसे पूछताछ से बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
दिल्ली से पकड़े 3 आरोपी
पुलिस ने 25 नवंबर 2025 को गिरोह के अन्य सदस्यों शहबाज उर्फ प्रजापति उर्फ गौरंग पुत्र मोहम्मद हुसैन वासी महाराष्ट्र, अनिकेत उर्फ ऋषि उर्फ कार्तिक पुत्र शंभू कार वासी जिला मुंगेर हाल जयपुर राजस्थान तथा अंशु कुमार पुत्र राजू शाह वासी जिला मुंगेर, बिहार को दिल्ली के पहाड़गंज क्षेत्र से गिरफ्तार किया।

आरोपियों से बरामद मोबाइल व लैपटॉप।
पानीपत का नेशनल प्लेयर भी शामिल
30 नवंबर को पुलिस ने पांचवे आरोपी अजय सेठी वासी गन्नौर, जिला सोनीपत, जो कि पंकज शर्मा के फर्जी नाम का इस्तेमाल कर रहा था, समालखा पानीपत से पकड़ा। आरोपी शहबाज राष्ट्रीय स्तर का बॉक्सिंग खिलाड़ी भी रहा है। ये चारो आरोपी 5 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर हैं। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्यों ने विदेश भेजने के नाम पर कई युवाओं को मुंबई के एक होटल में करीब एक माह तक रोके रखा। आरोपियों ने मिलकर जयपुर में एक नया ऑफिस भी खोला था ताकि राजस्थान में अपना नेटवर्क फैला सकें।

आरोपियों से बरामद कैश।
आरोपियों से बरामद हुआ कैश और 40 पासपोर्ट
डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने बताया कि अब तक आरोपियों से 8 मोबाइल, 1 लैपटॉप, पंजाब–हरियाणा–चंडीगढ़ के 40 पासपोर्ट, फिनलैंड के 4 टीआरसी कार्ड, 6 चेकबुक, कई मुहरें, लगभग 10 एटीएम कार्ड और 6.75 लाख रुपये से अधिक नकदी बरामद के साथ-साथ आरोपी गुरचरण के खाते में 4 लाख रुपये फ्रीज भी करवाए है। आरोपियो से लगातार पूछताछ जारी है।
आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस जांच से यह भी पता चला है कि गिरोह के सदस्य लगातार फर्जी नामों का उपयोग करते थे और उनका आपराधिक रिकॉर्ड भी है। मुख्य आरोपी गुरचरण सिंह के खिलाफ पंजाब में 6 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि अजय सेठी के खिलाफ दिल्ली और सोनीपत में 4 आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं। इसी तरह शहबाज और अनिकेत के खिलाफ सिरसा जिले में भी मामला दर्ज है। सभी मामले विदेश भेजने के नाम पर ठगी के है। अन्य आरोपियो की तलाश जारी है और उनको भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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