पलवल जिले के छांयसा गांव में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने दो अवैध क्लीनिकों पर छापेमारी कर दो झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज किया है। हेपेटाइटिस बीमारी के बढ़ते मामलों के मद्देनजर यह कार्रवाई की गई, जिसमें क्लीनिकों से भारी मात्रा में दवाएं और उपकरण जब्त किए गए। हथीन सरकारी अस्पताल के एसएमओ और ड्यूटी मजिस्ट्रेट डॉ. संजय शर्मा के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई थी। इस टीम में डॉ. गजय सिंह और डॉ. इम्तियाज खान शामिल थे, जिन्होंने पुलिस बल के साथ छांयसा गांव में छापेमारी की। टीम ने झोलाछाप डॉक्टर करीम और नूंह जिले के भंडगा गांव निवासी सरफराज के क्लीनिकों का निरीक्षण किया। दीवार पर कोई डिग्री-डिप्लोमा नहीं था पहली कार्रवाई में सरफराज के क्लीनिक पर न तो कोई बोर्ड मिला और न ही दीवार पर कोई वैध डिग्री या डिप्लोमा प्रदर्शित था। क्लीनिक में बायो-वेस्ट डिस्पोजल का भी कोई प्रबंध नहीं था। निरीक्षण के दौरान टीम को बीपी मशीन, नेबुलाइजर, स्टेथोस्कोप, सर्जिकल कैंची सहित 31 प्रकार की एलोपैथिक दवाएं और इंजेक्शन मिले, जिन्हें जब्त कर लिया गया। मरीजों का विवरण दर्ज एक रजिस्टर भी कब्जे में लिया गया। दूसरे क्लीनिक पर भी कार्रवाई दूसरी कार्रवाई के दौरान, आरोपी करीम को बिना किसी वैध डिग्री या लाइसेंस के मरीजों का इलाज करते हुए पकड़ा गया। उसके क्लीनिक पर भी कोई बोर्ड या वैध डिग्री नहीं मिली। यहां भी बायोवेस्ट मैनेजमेंट और साफ-सफाई का कोई प्रबंध नहीं था। मौके से भारी मात्रा में दवाएं, बीपी मशीन, पल्स ऑक्सीमीटर और अन्य मेडिकल उपकरण बरामद किए गए, जिन्हें टीम ने सील कर अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने दोनों झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ लोगों की जान जोखिम में डालने और बिना वैध अनुमति के क्लीनिक चलाने के आरोप में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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