Palamu News: वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट डॉ. डी. एस. श्रीवास्तव ने कहा कि हाथी तभी आक्रामक होते हैं जब उन्हें खतरे का एहसास होता है. तेज आवाज, अचानक हरकत, हॉर्न बजाना या रास्ता रोकना हाथियों को परेशान कर देता है.
हाथी क्यों हो जाते हैं आक्रामक
वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट डॉ. डी. एस. श्रीवास्तव के अनुसार, हाथी तभी आक्रामक होते हैं जब उन्हें खतरे का एहसास होता है. तेज आवाज, अचानक हरकत, हॉर्न बजाना या रास्ता रोकना हाथियों को परेशान कर देता है. खासकर मादा हाथी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहती हैं और जरा-सी हरकत पर हमला कर सकती हैं.
अचानक हाथी सामने आ जाए तो क्या करें
अगर चलते समय या सड़क पर अचानक हाथी या हाथियों का झुंड सामने आ जाए, तो सबसे पहले घबराएं नहीं। जहां हैं वहीं शांत होकर खड़े हो जाएं. हाथी आमतौर पर अपना रास्ता खुद बना लेते हैं. उन्हें बिना परेशान किए गुजरने दें. जब तक झुंड पूरी तरह निकल न जाए, आगे बढ़ने की कोशिश न करें.
गाड़ी में हों तो बरतें ये सावधानी
अगर आप वाहन में हैं, तो हॉर्न बजाने या इंजन की तेज आवाज करने की भूल बिल्कुल न करें. इससे हाथी डर या गुस्से में आ सकते हैं. बेहतर है कि वाहन को धीरे-धीरे पीछे की ओर ले जाएं. बिना शोर किए सुरक्षित दूरी बनाएं और तभी आगे बढ़ें जब हाथी नजर से पूरी तरह ओझल हो जाएं.
दूरी बनाए रखना है बेहद जरूरी
एक्सपर्ट डॉ० डी एस श्रीवास्तव ने लोकल18 को बताया कि जंगली हाथियों से कम से कम 100 मीटर की दूरी बनाए रखना जरूरी है. न तो उनकी फोटो लेने की कोशिश करें और न ही उन्हें पास से देखने का जोखिम उठाएं. यह आपकी और हाथी दोनों की सुरक्षा के लिए जरूरी है.जंगल और वन क्षेत्रों में सफर करते समय सतर्कता और समझदारी बेहद जरूरी है. हाथी जैसे वन्य जीवों का सम्मान करें और उनके प्राकृतिक व्यवहार में दखल न दें. सही जानकारी और धैर्य से न केवल आपकी जान सुरक्षित रह सकती है, बल्कि इंसान और वन्यजीवों के बीच संतुलन भी बना रहता है.
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