Special Sugar For Diabetic Patients: पलामू के शिव कुमार पांडे ने मधुमेह यानी डायबिटीज के मरीजों के लिए खास शक्कर बनायी है. इसे दालचीनी और ढेला मिश्री को एक लंबी प्रक्रिया से गुजारने के बाद तैयार किया गया है. उनका कहना है कि इसके सेवन से शुगर नहीं बढ़ती.
चाय की परंपरा और मरीजों की परेशानी
भारत देश में चाय केवल एक पेय पदार्थ नहीं बल्कि एक परंपरा का हिस्सा है. सुबह की शुरुआत हो या मेहमानों का स्वागत, चाय हर घर की संस्कृति में शामिल है. ऐसे में मधुमेह के रोगियों के लिए चाय में चीनी छोड़ना आसान नहीं होता. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए आयुर्वेदिक पद्धति से एक विशेष प्रकार की ‘मधुमेहंतक चीनी’ तैयार की जा रही है.
आयुर्वेदिक साहित्य से प्रेरित निर्माण
आयुर्वेद के जानकर शिव कुमार पांडे ने लोकल18 को बताया कि इस विशेष चीनी को आयुर्वेदिक ग्रंथों में वर्णित औषधीय तत्वों के आधार पर तैयार किया गया है. इसे बनाने में ढेले वाली मिश्री और दालचीनी के सत्व का उपयोग किया जाता है. दालचीनी को आयुर्वेद में कई औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है, इसलिए इसे इस मिश्रण का मुख्य घटक बनाया गया है.
दो महीने की विशेष प्रक्रिया
मधुमेहंतक चीनी को तैयार करने में लगभग दो महीने का समय लगता है. इस दौरान मिश्री और दालचीनी के सत्व को विशेष विधि से तैयार किया जाता है, जिससे इसके औषधीय गुण विकसित होते हैं. लंबी प्रक्रिया के बाद तैयार यह चीनी सामान्य चीनी से अलग मानी जाती है.
स्वास्थ्य के लिए बताए जाते हैं कई लाभ
दालचीनी के सत्व के बारे में आयुर्वेद में कहा जाता है कि यह रक्त को शुद्ध करने, रक्त संचार को सुचारू रखने और पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है. इसके अलावा यह श्वास नलिका को स्वस्थ रखने में भी मददगार माना जाता है. दावा किया जाता है कि अगर मधुमेह का मरीज इस चीनी से दिन में एक–दो बार चाय या कॉफी बनाकर सेवन करता है तो उसे नुकसान की संभावना कम रहती है.
आयुर्वेदिक चाय का विकल्प
इस चीनी से बनी चाय को आयुर्वेदिक चाय के रूप में देखा जाता है. उन्होंने कहा कि खांसी और गले से जुड़ी समस्याओं में भी लाभ पहुंचा सकती है. इसका आप नियमित इस्तमाल भी कर सकते है. मधुमेह के मरीज इसे दिन में दो बार चाय या कॉफी बनाकर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. यह विशेष चीनी बाजार में लगभग 1500 रुपये प्रति किलो के आसपास उपलब्ध बताई जाती है.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें
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