पलामू जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 39 के निर्माण कार्य के बीच टोल टैक्स वसूली शुरू हो चुका है. टोल प्लाजा पर टोल वसूली शुरू होने से विवाद खड़ा हो गया है. सड़क का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है, इसके बावजूद नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने टोल वसूली शुरू कर दी है..
दरअसल एनएच-39 के दूसरे चरण में पलामू के भोगु से शंखा तक लगभग 49.88 किलोमीटर सड़क का फोरलेन निर्माण कार्य चल रहा है. इस परियोजना पर करीब 1390.77 करोड़ रुपये की लागत आ रही है. हालांकि सड़क का काम अभी पूरा नहीं हुआ है. लेकिन इसके बावजूद मेदिनीनगर के सदर थाना क्षेत्र के जोरकट इलाके में टोल प्लाजा बनाकर सात मार्च से टोल टैक्स की वसूली शुरू कर दी गई है. जिसके बाद स्थानीय लोग विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए है. छात्रों के द्वारा भी नाराजगी देखने को मिल रही है.
एनएच-39 पर बना टोल प्लाजा शुरू
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस जगह टोल प्लाजा बनाया गया है, वहां से रांची की ओर जाने वाली सड़क कई किलोमीटर तक अभी बनी ही नहीं है. खासकर लातेहार क्षेत्र से आने-जाने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उनका कहना है कि बिना पूरी सड़क का उपयोग किए ही टोल देना पड़ रहा है, जो लोगों के साथ अन्याय है.टोल वसूली को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मणिकांत सिंह ने भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने विभाग को भी पत्र लिखा है. उनका कहना है कि 2008 में राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा स्थापित करने के लिए नियम बनाए गए थे, जिनके अनुसार नगर निगम क्षेत्र से 10 किलोमीटर के दायरे में टोल प्लाजा नहीं बनाया जाना चाहिए.
41 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य पूरा
यहां नियमों की अनदेखी करते हुए टोल वसूला जा रहा है. उनके अनुसार यह टोल नहीं बल्कि आम लोगों से रंगदारी वसूली जैसा है. इस टोल को दूसरे स्थान पर रिलाकेट करें नहीं करने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा.दूसरी ओर एनएचएआई के प्रोजेक्ट इंचार्ज सुधीर कुमार का कहना है कि यह परियोजना करीब 49.3 किलोमीटर की है, जिसमें लगभग 80 प्रतिशत यानी करीब 41 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. फिलहाल करीब 31 किलोमीटर हिस्से के लिए ही टोल वसूली की जा रही है. उन्होंने बताया कि दुबियाखाड़ के पास करीब 3.5 किलोमीटर सड़क के निर्माण के लिए अभी वन विभाग से अनुमति नहीं मिली है, जबकि चियांकी और सिंगरा-पाटन मोड़ के पास भी कुछ तकनीकी बाधाएं हैं. उनका दावा है कि बाकी काम अगले चार महीने में पूरा कर लिया जाएगा.
प्रतिदिन सैकड़ों छात्रों को कॉलेज जाना पड़ता
बीएनएस लॉ कॉलेज के छात्र अनुराग तिवारी ने बताया कि डाल्टनगंज से उनके कॉलेज तक रोजाना आने-जाने वाले सैकड़ों छात्र टोल वसूली से परेशान हैं. उन्होंने कहा मुश्किल से हाईवे पर 1.5 से 2 किलोमीटर चलना है. बावजूद उन्हें टोल देना पड़ रहा है. वहीं पढ़ाई के लिए प्रतिदिन सैकड़ों छात्रों को कॉलेज जाना पड़ता है, लेकिन अब रास्ते में टोल प्लाजा शुरू हो जाने के कारण हर दिन अतिरिक्त पैसे खर्च करने की समस्या बढ़ गई है. इससे छात्रों की आर्थिक परेशानी बढ़ गई है. उनका कहना है कि कई छात्र सीमित साधनों से पढ़ाई कर रहे हैं, ऐसे में रोजाना टोल देना उनके लिए मुश्किल हो गया है. छात्रों ने प्रशासन से मांग की है. पढ़ाई के लिए आने-जाने वाले छात्रों को टोल से राहत दी जाए या कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाए.
करीब 265 किलोमीटर लंबी है सड़क
एनएच-39 रांची से वाराणसी तक बनने वाले भारतमाला कॉरिडोर का हिस्सा है. रांची से लेकर उत्तर प्रदेश सीमा तक करीब 265 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर अब तीन जगह टोल वसूली शुरू हो चुकी है. रांची की ओर से पहला टोल मांडर में, दूसरा पलामू के जोरकट-दुबियाखाड़ क्षेत्र में और तीसरा गढ़वा बाइपास में बनाया गया है.
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