Palamu News: नीलांबर पितांबर विश्वविद्यालय में बीएससी इन बायोटेक वोकेशनल कोर्स वर्ष 2009 से चलाया जा रहा है. यह एक ऐसा कोर्स है, जिसमें पढ़ाई करने के बाद छात्रों के सामने करियर के कई रास्ते खुल जाते हैं. खासकर उन छात्रों के लिए यह कोर्स काफी उपयोगी माना जाता है, जिन्हें विज्ञान और शोध कार्य में रुचि होती है.
दरअसल, नीलांबर पितांबर विश्वविद्यालय में बीएससी इन बायोटेक वोकेशनल कोर्स वर्ष 2009 से चलाया जा रहा है. यह एक ऐसा कोर्स है, जिसमें पढ़ाई करने के बाद छात्रों के सामने करियर के कई रास्ते खुल जाते हैं. खासकर उन छात्रों के लिए यह कोर्स काफी उपयोगी माना जाता है, जिन्हें विज्ञान और शोध कार्य में रुचि होती है. इस कोर्स के माध्यम से छात्र आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी की पढ़ाई कर सकते हैं और भविष्य में रिसर्च से जुड़े क्षेत्रों में आगे बढ़ सकते हैं.
इंटर के बाद लें इस विषय में ले एडमिशन
विश्वविद्यालय में रही असिस्टेंट प्रोफेसर पूजा गुप्ता बताती हैं कि बायोटेक यानी जैव प्रौद्योगिकी आज के समय में तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र है. इसमें जीव विज्ञान और आधुनिक तकनीक को मिलाकर नई संभावनाओं पर काम किया जाता है. आमतौर पर 12वीं के बाद छात्र अपनी रुचि और शैक्षणिक पृष्ठभूमि के आधार पर बीटेक या बीएससी में बायोटेक का चयन करते हैं. बीएससी इन बायोटेक एक स्नातक स्तर का कोर्स है, जिसमें जीव विज्ञान के सिद्धांतों को व्यावहारिक तकनीक के साथ जोड़ा जाता है. विश्वविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी है. इच्छुक छात्र सीधे विश्वविद्यालय आकर इस कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं. यहां पढ़ाई के लिए स्मार्ट क्लास, आधुनिक रिसर्च लैब और अनुभवी शिक्षकों की सुविधा उपलब्ध है. इसके अलावा इस कोर्स की फीस भी काफी कम है, जिससे स्थानीय छात्रों को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती.
बायोटेक्नोलॉजी में करियर की संभावनाएं काफी
हालांकि पलामू क्षेत्र में इस कोर्स को लेकर अभी भी जागरूकता कम है. कई छात्र जानकारी के अभाव में बाहर के बड़े संस्थानों में दाखिला लेते हैं, जबकि अपने ही विश्वविद्यालय में यह सुविधा उपलब्ध है. अगर छात्र यहां से पढ़ाई करते हैं तो उन्हें आर्थिक और शैक्षणिक दोनों तरह का लाभ मिल सकता है.बायोटेक्नोलॉजी में करियर की संभावनाएं भी काफी व्यापक हैं. कोरोना महामारी के दौरान वैक्सीन बनाने में बायोटेक्नोलॉजी की अहम भूमिका देखने को मिली थी. इस क्षेत्र में पढ़ाई करने के बाद छात्र स्वास्थ्य सेवा, कृषि, पर्यावरण विज्ञान और औद्योगिक जैव प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में काम कर सकते हैं. इसके अलावा वे अनुसंधान वैज्ञानिक, बायोटेक विश्लेषक, बायोकेमिस्ट और फोरेंसिक डीएनए विश्लेषक जैसे पदों पर भी अपना करियर बना सकते हैं.
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