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Jackfruit Farming: कटहल एक ऐसा फलदार वृक्ष है, जो कम देखभाल में बेहतर उत्पादन देकर किसानों के लिए आय का मजबूत साधन बन सकता है. अन्य फसलों और कई फलदार पेड़ों की तुलना में कटहल जल्दी तैयार हो जाता है और इसकी देखरेख भी अपेक्षाकृत आसान होती है. एक पेड़ से यदि औसतन 1 क्विंटल फल भी प्राप्त हो जाए तो 50 पेड़ों से 50 क्विंटल उत्पादन संभव है. यदि बाजार में 20 रुपये प्रति किलो की दर से भी बिक्री हो, तो यह सीधा 1 लाख रुपये की आमदनी में बदल सकता है. यही वजह है कि अब कई किसान पारंपरिक खेती के साथ कटहल की बागवानी को अपना रहे हैं.
ऐसे में यदि किसान योजनाबद्ध तरीके से बागवानी अपनाएं, तो आने वाले समय में यह खेती करोड़ों की संपत्ति में भी बदल सकती है. इसके लिए कुछ सालों क धैर्य जरूरी होता है लेकिन फल आना शुरू होते हैं तो कम समय में ही आपको मालामाल कर देते हैं.

पलामू जिले के विकसित किसान तारकेश्वर सिंह चेरो इसका जीवंत उदाहरण हैं. वे वर्षों से बागवानी कर रहे हैं और अपने आम के बगीचे में ही 50 कटहल के पेड़ लगाए हैं. वर्ष 2021 में लगाए गए ये पौधे अब पांचवें साल से फल देना शुरू कर चुके हैं.

वर्तमान में हर पेड़ से 1 से 1.5 क्विंटल तक फल निकल रहा है. तारकेश्वर सिंह चेरो बताते हैं कि शुरुआत में उन्होंने इसे प्रयोग के तौर पर लगाया था, लेकिन अब यह आय का मजबूत स्रोत बन चुका है. वे कहते हैं कि जिन किसानों के पास कम जमीन है, वे भी इस खेती से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
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महज 12 कट्ठा जमीन में भी कटहल और नींबू की खेती की जा सकती है. लगभग 13 कट्ठा जमीन में 70 तक कटहल के पौधे आसानी से लगाए जा सकते हैं. खास बात यह है कि इनके साथ किनारों पर सागवान या महोगनी जैसे कीमती लकड़ी के पेड़ भी लगाए जा सकते हैं.

इससे भविष्य में अतिरिक्त आमदनी का बड़ा स्रोत तैयार हो सकता है. कटहल की खेती में लागत कम और लाभ की संभावना अधिक है. सही देखभाल, समय पर खाद और सिंचाई के साथ यह वृक्ष कई वर्षों तक निरंतर उत्पादन देता है.
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