हरियाणा पुलिस ने राज्य को अपराध मुक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए 9 दिसंबर को राज्यव्यापी 'ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन' चलाया।
ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन में 843 ठिकानों पर छापेमारी कर 175 अपराधी, 58 फरार व 12 आर्म्स एक्ट आरोपी गिरफ्तार किए गए। अभियान में 114 मुकदमे दर्ज हुए और बड़ी मात्रा में हथियार, नशीले पदार्थ व अवैध शराब बरामद की गई। पुलिस ने एक ही दिन में नशा तस्करों, उद्घोषित अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ चौतरफा कार्रवाई की।
इस विशेष अभियान का उद्देश्य न केवल अपराधियों की धरपकड़ करना था, बल्कि आमजन के बीच सुरक्षा की भावना को और मजबूत करना था।
दस आर्म्स केस समेत 124 केस दर्ज
एक दिवसीय अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने राज्य भर में 843 नशा और जुआ संभावित हॉटस्पॉट्स (हॉटस्पॉट्स ) पर सघन कॉम्बिंग और छापेमारी की । पुलिस की इस मुस्तैदी के परिणामस्वरूप विभिन्न आपराधिक मामलों में 114 नए मुकदमे और आर्म्स केस में 10 मुक़दमे दर्ज किए गए।
आर्म्स एक्ट में दर्ज हुए 10 मामलों में 12 आरोपी गिरफ्तार हुए है। इस ऑपरेशन के तहत चलाये गए कॉम्बिंग के दौरान 175 अपराधियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा गया। इसके अलावा, कानून से बचने के लिए छिपे हुए अपराधियों पर भी पुलिस का शिकंजा कसा गया और 58 फरार हिंसक अपराधियों (फ्यूजिटिव वायलेंट क्रिमिनल्स ) को काबू करने में सफलता मिली।
इसके अलावा, अपराधियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए 6 व्यक्तियों के पासपोर्ट रद्द करने के प्रस्ताव भी संबंधित विभाग को भेजे गए हैं। इसके अतिरिक्त ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों के नेटवर्क को ध्वस्त करने में बड़ी कामयाबी हासिल की। राज्य भर से कुल 11 अवैध हथियार (8 देसी कट्टे और 3 पिस्टल) तथा 11 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। वहीं, नशा तस्करों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 24 किलोग्राम चूरा पोस्त, 3.4 किलोग्राम गांजा, 608 ग्राम हेरोइन, 945 ग्राम चरस और 16 अंग्रेजी शराब की बोतल, 274 देसी शराब की बोतल, 180 लीटर अवैध शराब, 1135 लीटर लाहन व 1.19 लाख रूपए नकद की बरामदगी की है।
खाकी का मानवीय चेहरा, 1492 लोगों की मदद
पुलिसिंग के साथ हरियाणा पुलिस ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। ऑपरेशन के दौरान पुलिस कर्मियों ने राज्य भर में 1492 जरूरतमंद और विपत्तिग्रस्त व्यक्तियों की सहायता की। आंकड़ों के अनुसार सहायता पहुंचाने में इस ऑपरेशन में यह अब तक सबसे बड़ी पहुंच है। इस बार पलवल जिले ने सबसे अधिक आमजन तक सहायता पहुंचाई जहां उन्होंने 548 जरूरतमंद की सहायता करी। वहीं दूसरे स्थान पर गुरुग्राम जिला (312) रहा।
साइबर ठगों पर ‘डिजिटल स्ट्राइक’
जमीनी कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस ने डिजिटल मोर्चे पर भी साइबर अपराधियों पर वार किया है। 9 दिसंबर को हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से मिली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर टीम ने लगभग 49.81 लाख रुपये ठगों के खातों में जाने से पहले ही फ्रीज कर दिए। फरीदाबाद पुलिस ने शेयर मार्केट और टेलीग्राम टास्क के नाम पर ठगी करने वाले दो गिरोहों का पर्दाफाश कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
वहीं, जींद पुलिस ने ‘वर्क फ्रॉम होम’ के नाम पर ठगी करने वाले मुख्य आरोपी भरत भाई लाठिया को गिरफ्तार किया, जो पिछले दो साल से फरार था। राज्य में साइबर अपराध पर लगाम कसने के लिए हरियाणा पुलिस की तत्परता के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। हाल ही में साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कुल 334 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें नागरिकों ने लगभग 1 करोड़ 3 लाख 99 हजार रुपये की ठगी की रिपोर्ट दी।
साइबर टीम ने बिजली की गति से कार्रवाई करते हुए ठगों के खातों तक पहुँचने से पहले ही 49,81,052 रुपये (कुल राशि का लगभग 48%) फ्रीज कर दिए, जिससे आमजन की गाढ़ी कमाई बच सकी। इस अभियान के तहत 14 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर उनसे 5,93,000 रुपये बरामद किए गए हैं और पीड़ितों को 14,69,007 रुपये रिफंड भी करवाए गए हैं। यह आंकड़े पुलिस की तकनीकी दक्षता और त्वरित प्रतिक्रिया का प्रमाण हैं।
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