सारण जिले के मांझी प्रखंड स्थित महम्मदपुर बघौना में दाहा नदी के पुल पर खुलेआम मांस की बिक्री से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। आरोप है कि पुल पर मछली और मुर्गा बेचने वाले विक्रेता दुकानदारी के बाद बचे अवशेष खासकर मुर्गी के पंख, आंतरिक अंग और अन्य कचरा सीधे नदी में फेंक रहे हैं। इससे दाहा नदी का जल प्रदूषित हो रहा है और आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध और गंदगी फैल रही है।
श्रद्धालुओं को होती है परेशानी
पुल के समीप बने घाट पर प्रतिदिन ग्रामीण और श्रद्धालु स्नान और दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में उन्हें स्वच्छ वातावरण का अभाव झेलना पड़ रहा है। हालांकि स्थानीय मांझी प्रखंड के बीडीओ उपेंद्र दास ने बताया कि इस तरह के मामले की पूर्व में कोई सूचना नहीं थी, लेकिन मीडिया के माध्यम से जानकारी मिलने के बाद इसकी जांच कर शीघ्र ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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श्रद्धालुओं ने लगाया धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर रही है, बल्कि घाट की पवित्रता और धार्मिक भावनाओं को भी आहत कर रही है। स्थानीय निवासी धीरज गुप्ता ने बताया कि यह नदी गोपालगंज के सासामुसा से मांझी के ताजपुर फुलवरिया होते हुए सरयू नदी में मिलती है। यह पुल बाबा महेंद्र नाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख मार्ग है। प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को पूर्वी क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं। ऐसे में पुल पर फैली गंदगी क्षेत्र की छवि को भी धूमिल कर रही है। ग्रामीणों ने स्थानीय जिला और प्रखंड स्तरीय प्रशासन से अविलंब कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि नियमित निगरानी, कचरा निस्तारण की व्यवस्था और अवैध बिक्री पर रोक अत्यंत आवश्यक है।
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