इंदौर-खंडवा, इच्छापुर-एदलाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। नर्मदा नदी पर मोरटक्का-खेड़ी घाट के बीच कटार क्षेत्र में निर्माणाधीन बहुप्रतीक्षित सिक्सलेन पुल फरवरी 2026 से यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। शुरुआत में पुल के एक साइड से वाहनों की आवाजाही शुरू की जाएगी, जिससे इंदौर, बड़वाह, मोरटक्का, सनावद और खंडवा के बीच लगने वाले भीषण जाम से लोगों को राहत मिलेगी।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आशुतोष सोनी ने बताया कि पुल निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। नर्मदा नदी के मध्य स्थित दोनों पिलरों के बीच बड़े गार्डर लगाने का कार्य आगामी एक पखवाड़े में पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद तकनीकी परीक्षण और सुरक्षा ऑडिट के पश्चात यातायात प्रारंभ किया जाएगा।
नितिन गडकरी के निर्देश के बाद तेज हुआ काम
इस मार्ग पर लगातार बढ़ते यातायात दबाव, जाम और सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस परियोजना को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थल निरीक्षण कर निर्माण कार्य में तेजी लाई। नर्मदा नदी पर सिक्सलेन पुल का निर्माण इस परियोजना की सबसे बड़ी चुनौती रहा। नदी के जलस्तर में बार-बार होने वाले उतार-चढ़ाव और मानसून के दौरान आई तकनीकी कठिनाइयों के बावजूद कार्य लगातार जारी रखा गया।
8600 करोड़ की ऐतिहासिक परियोजना
इस महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को धरातल पर लाने में मध्यप्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं खंडवा सांसद स्वर्गीय नंदकुमार सिंह चौहान की भूमिका ऐतिहासिक रही। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष यह प्रस्ताव रखा और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से चर्चा कर इंदौर से इच्छापुर एवं एदलाबाद तक पूरे मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा दिलाया।
करीब 8600 करोड़ रुपये की लागत से इंदौर, खंडवा-इच्छापुर-एदलाबाद तक 202 किलोमीटर लंबा फोरलेन मार्ग स्वीकृत किया गया। निर्माण के दौरान यातायात को चालू रखना विभाग के लिए बड़ी चुनौती रहा, जिसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया गया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी इस सिक्सलेन पुल को ‘आइकॉनिक और अद्भुत संरचना’ बता चुके हैं। नर्मदा नदी पर बना यह पुल न केवल मध्यप्रदेश बल्कि देश के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रतीक माना जा रहा है।
भेरू घाट रहा सबसे बड़ी चुनौती
इंदौर-इच्छापुर फोरलेन के निर्माण में भेरू घाट क्षेत्र सबसे कठिन रहा, जहां पहाड़ काटकर और पहाड़ी के भीतर कैनाल बनाकर सड़क निकाली गई। इसके अलावा वन क्षेत्रों में कई बड़े और छोटे पुलों का निर्माण भी किया गया। विभाग को उम्मीद है कि पूरा मार्ग 2026 में पूरी तरह चालू हो जाएगा।
यात्रा समय में आएगी बड़ी कमी
फोरलेन मार्ग और सिक्सलेन पुल के चालू होने के बाद खंडवा से इंदौर का सफर मात्र 2 घंटे में, इंदौर से ओंकारेश्वर का सफर लगभग 1 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इससे व्यापार, पर्यटन, धार्मिक यात्राओं और औद्योगिक गतिविधियों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
खंडवा-इंदौर मार्ग पर 5 जनवरी तक भारी वाहनों का संचालन प्रतिबंधित
दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह और नववर्ष के अवसर पर ओंकारेश्वर में ज्योतिर्लिंग दर्शन एवं पावन नर्मदा स्नान के लिए प्रतिदिन लगभग 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ऋषव गुप्ता ने श्रद्धालुओं की निर्बाध आवाजाही, सार्वजनिक सुरक्षा और जनसामान्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 5 जनवरी तक प्रतिदिन प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक खंडवा–इंदौर मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं।
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भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग
कलेक्टर गुप्ता ने बताया कि नर्मदा नदी पर बने मोरटक्का पुल की क्षमता और संरचनात्मक स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। आदेश के अनुसार, बुरहानपुर की ओर से इंदौर-इच्छापुर मार्ग होते हुए खंडवा जिले में प्रवेश करने वाले भारी वाहन ग्राम देशगांव से होकर खरगोन-धामनोद होते हुए एबी रोड तक जाएंगे। इसी प्रकार इंदौर से चलने वाले भारी वाहन खरगोन जिले से होते हुए ग्राम देशगांव के माध्यम से खंडवा जिले में प्रवेश कर अपने गंतव्य की ओर जाएंगे।प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने का अनुरोध किया है।
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