Begusarai Latest News : बेगूसराय में कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. विपिन कुमार ने बताया कि डायरिया, कमजोरी या कोल्ड शॉक में पशुओं को फ्रूट थेरेपी दी जाती है, जो उनकी जान बचाने में मददगार है. आइये जानते हैं पशुओं में इस थेरेपी के फायदे
जानें क्या है फ्रूट थेरेपी
लोकल 18 से बात करते हुए पशु वैज्ञानिक डॉ. विपिन कुमार ने बताया कि जब पशुओं को डायरिया हो जाता है, तो उनके शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की भारी कमी हो जाती है. ऐसी स्थिति में केवल दवा देना पर्याप्त नहीं होता है. शरीर में पानी की कमी को पूरा करने और पशु को दोबारा सामान्य स्थिति में लाने के लिए नॉर्मल स्लाइन के जरिए फ्रूट थेरेपी दी जाती है. उन्होंने बताया कि कई बार पशु अत्यधिक कमजोरी का शिकार हो जाते हैं. ऐसे में उन्हें तुरंत ऊर्जा देने के लिए डेक्सट्रोज (ग्लूकोज) आधारित फ्रूट थेरेपी दी जाती है, जिससे पशु को तुरंत एनर्जी मिलती है और उसकी हालत में सुधार होने लगता है. यह थेरेपी खासतौर पर दुधारू पशुओं के लिए बेहद जरूरी मानी जाती है. क्योंकि कमजोरी का सीधा असर दूध उत्पादन पर भी पड़ता है.
जानें कब होती है थेरेपी
मौसम का जिक्र करते हुए डॉ. विपिन कुमार ने बताया कि ठंड के दिनों में पशुओं में कोल्ड शॉक का खतरा बढ़ जाता है. कई बार अचानक तापमान गिरने से पशुओं की हालत गंभीर हो जाती है. ऐसे मामलों में थेरेपी तकनीक के जरिए शरीर का संतुलन बनाए रखा जाता है, जिससे पशु की जान बचाई जा सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि डायरिया, कमजोरी और कोल्ड शॉक के अलावा कई अन्य बीमारियों में भी पशुओं को थेरेपी की आवश्यकता पड़ती है.
कुल मिलाकर, यह कहना गलत नहीं होगा कि जिस तरह इंसानों के इलाज में थेरेपी जीवनरक्षक साबित होती है, उसी तरह पशुओं के लिए भी फ्रूट थेरेपी किसी संजीवनी से कम नहीं है. यह जानकारी न सिर्फ पशुपालकों के लिए जरूरी है, बल्कि आम लोगों के लिए भी एक अहम जनरल नॉलेज है, जिससे वे समय पर सही इलाज कराकर अपने पशुओं की जान बचा सकते हैं.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में लगभग 4 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटेंट राइटर…और पढ़ें
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