आरोपियों को जेल लेकर जाती पुलिस।
हरियाणा के नूंह जिले की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रेणू राणा की अदालत ने एक बड़े मादक पदार्थ तस्करी मामले में 5 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। इनमें तीन नाइजीरियन नागरिक शामिल हैं। जिन्हें 10 और 12 साल की कारावास की सजा सुनाई गई। मामला 2020 का ह
कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान दो आरोपी पकड़े गए
यह मामला 30 मार्च 2020 का है। जब कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान पुलिस स्टेशन सदर तावडू की टीम लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी पर तैनात थी। एक पुलिस पार्टी केएमपी टोल धुलावट के पास मौजूद थी। उसी दौरान सूचना मिली कि रफीक और मुबारिक निवासी गांव शिकारपुर हेरोइन चिट्टा की खरीद बिक्री में संलिप्त हैं। वह पलवल से हेरोइन खरीद कर मोटरसाइकिल पर केएमपी के साथ कच्चे रास्ते से शिकारपुर जा रहे हैं। इस सूचना के आधार पर नाकाबंदी की गई। करीब 10 मिनट बाद दोनों आरोपी मोटरसाइकिल पर आते हुए दिखाई दिए। उन्हें रोकने की कोशिश की गई लेकिन वह तेजी से भागने लगे।
बाइक से गिरे दोनों आरोपी
कच्चे रास्ते के कारण 50 मीटर दूर जाकर मोटरसाइकिल फिसल गई और दोनों गिर पड़े। पुलिस ने उन्हें काबू कर लिया था। दोनों आरोपियों की तलाशी ली गई तो रफीक की जेब से पॉलिथीन में 10.80 ग्राम हिरोइन मिली। जबकि मुबारिक की जेब से 10.850 ग्राम हिरोइन मिली। तावडू सदर थाना पुलिस ने केस दर्ज किया था। जांच के दौरान पता चला है कि रफीक और मुबारिक ने हीरोइन पलवल से खरीदी थी। जहां सोनू उर्फ़ लोकेश निवासी कुशक बड़ौली पलवल ने सप्लाई की थी। आगे की जांच में नाइजीरियन नागरिकों की भूमिका उजागर हुई।
सबूतों के आधार पर सुनाई गई सजा
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रेणू राणा की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। 5 साल तक मामले की सुनवाई चली। पुलिस सहयोग से जुटाए गए सभी सबूतों के आधार पर मंगलवार को सजा सुनाई गई। इनमें दोषी मुबारिक व रफीक निवासी शिकारपुर सोनू उर्फ लोकेश निवासी पलवल को 1–1 वर्ष का कारावास और 5 हजार का जुर्माना किया गया। जबकि एक नाइजीरियन को 10 वर्ष और दूसरे नाइजीरियन को 12 वर्ष की सजा सुनाई गई है। जिन पर 10 का जुर्माना लगाया गया।
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