एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश डीपी सूत्रकार ने मानहानि के संबंध में दायर परिवाद की सुनवाई करते हुए वर्तमान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व नेता प्रतिपक्ष व विधायक अजय सिंह राहुल तथा विधायक लखन घनघोरिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने परिवाद पर अगली सुनवाई 16 जनवरी को निर्धारित की गई है।
विजय पांडे की तरफ से दायर परिवाद में कहा गया था कि वह नेशनल हेल्थ मिशन के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर के पद पर जबलपुर में पदस्थ थे। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल सहित अन्य कांग्रेसी विधायकों ने पत्रकार वार्ता में उसकी अंकसूची को फर्जी तथा रिश्वत देकर नियुक्ति पाने के आरोप लगाए थे। कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने विधानसभा में भी उनकी अंकसूची फर्जी होने का मामला विधानसभा में उठाया था। कांग्रेस विधायक ने पांच अगस्त को विधानसभा का वॉकआउट भी किया था।
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विधानसभा में हुए हंगामे के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक सलोनी सिडाना ने उन्हें पद से हटाते हुए जांच के आदेश जारी किए थे। जांच में उनकी मध्य प्रदेश शिक्षा बोर्ड की अंकसूची सही पाई गई थी। इसके अलावा जांच में कांग्रेस विधायक दल के आरोप गलत पाए गए। परिवार में कहा गया था कि सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस पार्टी के विधायकों ने उन पर फर्जी आरोप लगाए थे। इसके कारण उनकी मानहानि हुई है। एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश डीपी सूत्रकार ने अपने आदेश में कहा है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत अनावेदकगण को सुना जाना आवश्यक है। विशेष न्यायाधीश ने नेता प्रतिपक्ष सहित दोनों कांग्रेसी विधायक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। परिवादी की तरफ से अधिवक्ता परितोष गुप्ता ने पैरवी की।
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