मैक्लोडगंज स्थित चुगलाखंग मठ में रविवार को केंद्रीय तिब्बती प्रशासन ने तिब्बती बौद्ध धर्मगुरु तेंजिन ग्यात्सो के 14वें दलाई लामा के रूप में अभिषेक की 86वीं वर्षगांठ पर भव्य कार्यक्रम करवाया। कार्यक्रम में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी बतौर मुख्यातिथि उपस्थित रहे।
सत्यार्थी ने कहा कि जब भी उन्हें मैक्लोडगंज और चुगलाखंग बौद्ध मठ में आने का अवसर मिलता है, तो ऐसा लगता है मानो उनकी तीर्थ यात्रा हो रही हो। मैक्लोडगंज का नाम बदलकर दलाई लामा तीर्थ स्थल रख देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि 86 वर्षों की ऐसी ऐतिहासिक यात्रा है, जो अंधेरों को चीरते हुए उजाले की ओर अग्रसर है।
दलाई लामा का जीवन सत्य और अहिंसा की ऐसी साधना है, जो विश्व मानवता को प्रेरित करती है। उन्होंने दलाई लामा से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री पंपा शेरिंग ने तिब्बत और बाहर रह रहे तिब्बतियों तथा विश्वभर में तिब्बत समर्थकों को शुभकामनाएं दीं। फिलीपींस संसद के सांसद भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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