मध्य प्रदेश की एक ऐसी ग्राम पंचायत जहां सड़क न होने की वजह से दर्जनों युवक-युवतियों की शादी टूट गई है। उसके बावजूद भी स्थानीय सरपंच सचिव एवं जिला प्रशासन उस सड़क को नहीं बनवा पा रहा है। गनीमत यही है कि किसी तरीके से सड़क का टेंडर हुआ, लेकिन ठेकेदार ने उसी ग्राम पंचायत में ही दूसरी जगह सड़क का निर्माण कर दिया। जंगल की जमीन पर सड़क बनाने पर फॉरेस्ट विभाग ने ठेकेदार की जेसीबी मशीन भी जब्त कर ली थी।
बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत सुहिरा अमिलिया के गोदरी खोली मोहल्ला से होते हुए 3500 मीटर सड़क का निर्माण करना था, लेकिन ठेकेदार द्वारा लापरवाही करते हुए वहां सड़क न बनाकर उसी ग्राम पंचायत में दूसरी जगह सड़क बनवा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात में किसी भी महिला का अगर गर्भ होता है तो उसे खाट पर ले जाना पड़ता है, क्योंकि सड़क न होने के वजह से गांव में एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती है।
सड़कें देख इनकार कर देते हैं रिश्तेदार
हालात तो यहां तक पहुंच चुके हैंं कि यहां सड़क न होने की वजह से युवकों और युवतियों की शादियां तक टूट रही हैं। बाहरी गांवों से जब लोग रिश्ता देखने आते हैं और कीचड़, दलदल व दुर्गम रास्ता देखते हैं, तो साफ मना कर देते हैं। ग्रामीण कहते हैं—“रिश्तेदारी तो बच नहीं रही, अब तो शादी भी नहीं होती।” मामले की शिकायत कलेक्ट्रेट तक पहुंच चुकी है। संबंधित विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि यदि अनियमितता पाई गई तो ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण राम अशोक विश्वकर्मा का कहना है कि हमारे गांव में शादियां नहीं हो रही हैं, क्योंकि हमारे यहां सड़के नहीं है। कोई भी यदि आता है तो यह कहता है कि आपके यहां सड़के नहीं हैं। उनका कहना है कि बीते एक साल की बात करें तो चार से पांच शादियां इसी वजह से तय नहीं हो पा रही हैं, जबकि उनके यहां मेहमान कई बार आ चुके हैं।
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बता दें कि यह सड़क ठेकेदार को बनानी थी और यह सड़क 3.30 किलोमीटर लगभग 2 करोड़ रुपए से ज्यादा की थी। उसके बावजूद भी ठेकेदार विपिन सिंह द्वारा बड़ी लापरवाही की गई है और जिसका खामियाजा ग्राम पंचायत के निवासी भुगत रहे हैं। कई बार तो यह भी हुआ है कि बीमारी से एंबुलेंस ना पहुंचने के वजह से लोग गांव से निकलकर सड़क तक नहीं पहुंच पाए और उपचार न मिलने से कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। उसके बावजूद भी जिला प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहा है।
पूरे मामले पर पीडब्ल्यूडी के ईई एसबी सिंह कर्चुली ने बताया है कि इस सड़क की कलेक्ट्रेट में शिकायत हुई थी। शिकायत की कॉपी आई है। उस इलाके के एसडीईओ को आदेश दिया गया है कि जांच करें और जांच में अगर गड़बड़ी एवं गलत पाया जाता है तो ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करें। सबसे बड़ी हैरान कर देने वाली बात यह है कि जिस जहां सड़क का सेंशन हुआ था, वह सड़क ना बनाकर आखिर ठेकेदार द्वारा दूसरी जगह क्यों सड़क बनाई गई।
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