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- ‘No PUC, No Fuel’ Rule Enforced In Delhi | BS VI And Below Vehicles Banned In City
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दिल्ली में GRAP स्टेज-4 के तहत गुरुवार से ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम लागू हो गया है। इसके तहत बिना वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र वाले वाहनों को पेट्रोल, डीजल या सीएनजी नहीं मिलेगा। दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड बीएस-VI से कम श्रेणी वाले वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद रहेगी।
ये आदेश पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत जारी किया गया है और GRAP IV लागू रहने तक इसे लागू रखा जाएगा। सरकार के मुताबिक इस वक्त स्मॉग के कारण प्रदेश की हवा की क्वालिटी काफी खराब है इसलिए इसे लागू करना जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की इजाजत दे दी थी। दिल्ली सरकार ने BS III से कम श्रेणी वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति मांगी थी।
जांच के लिए 126 चेकप्वाइंट्स बनाए गए
दिल्ली में इस सख्ती को लागू करने के लिए 580 पुलिसकर्मी 126 चेकपॉइंट्स पर तैनात रहेंगे। पेट्रोल पंपों पर एएनपीआर कैमरे, वाहन डेटाबेस और पुलिस जांच करेंगे। ट्रांसपोर्ट अधिकारी भी पंपों पर रहेंगे। निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों पर पूर्ण बैन है।
सीएनजी, इलेक्ट्रिक वाहन, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और जरूरी सेवाओं को छूट है। ट्रैफिक जाम रोकने के लिए 100 हॉटस्पॉट्स पर गूगल मैप मदद लेगा। नियम तोड़ने पर वाहन जब्ती, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई होगी। पर्यावरण अधिनियम 1986 के तहत सजा मिलेगी।
सुप्रीम कोर्ट के 4 प्रमुख कमेंट्स…
- बेंच ने कहा कि सिर्फ नियम बनाना काफी नहीं है। जरूरी है कि सरकार प्रैक्टिकल और असरदार समाधान अपनाए और मौजूदा उपायों को सही तरीके से लागू किया जाए।
- सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा कि प्रदूषण की पाबंदियों से बेरोजगार हुए कंस्ट्रक्शन वर्कर्स की मदद की जाए और उन्हें दूसरा काम देने पर भी विचार किया जाए।
- कोर्ट ने CAQM और NCR सरकारों से कहा कि वे शहरों में ट्रैफिक, मोबिलिटी और किसानों को पराली जलाने से रोकने जैसे मुद्दों पर ध्यान दें। टुकड़ों में उपाय करने से यह संकट हल नहीं होगा।
- सुप्रीम कोर्ट ने नर्सरी से कक्षा 5 तक के स्कूल बंद रखने के दिल्ली सरकार के फैसले में दखल नहीं दिया। कोर्ट ने कहा कि सर्दियों की छुट्टियां नजदीक हैं, इसलिए इसमें बदलाव की जरूरत नहीं है।
7 हजार मजदूरों का वेरिफिकेशन पूरा
दिल्ली सरकार की ओर से पेश ASG ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि 2.5 लाख पंजीकृत मजदूरों में से 7 हजार का वेरिफिकेशन हो चुका है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सहायता राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की जाएगी। कोर्ट ने प्रक्रिया में गड़बड़ी पर सख्त चेतावनी दी।
बेंच ने पर्यावरणविद एमसी मेहता की याचिका को आगे की सुनवाई के लिए 6 जनवरी को लिस्ट किया है। बेंच ने कहा कि इस याचिका पर साल में कम से कम दो बार सुनवाई होनी चाहिए।
BS-IV वाहन मानक स्तर के बारे जानें…
BS-IV (भारत स्टेज-4) वाहन मानक सरकार द्वारा तय किए गए ऐसे नियम हैं, जिनका मकसद वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण को कम करना है। ये नियम BS-III से ज्यादा सख्त थे और 1 अप्रैल 2017 से पूरे देश में नए वाहनों पर लागू हुए। इसके तहत पेट्रोल और डीजल गाड़ियों से निकलने वाले धुएं, जैसे नाइट्रोजन ऑक्साइड और पार्टिकुलेट मैटर, की सीमा तय की गई और सल्फर कम वाला ईंधन इस्तेमाल किया गया। इससे प्रदूषण घटाने में मदद मिली, हालांकि अब BS-VI इससे भी नए और सख्त मानक हैं।

सरकार-प्राइवेट 50% कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम
दिल्ली में जानलेवा प्रदूषण के चलते भाजपा सरकार ने बुधवार को सभी सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों में 50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम नियम लागू कर दिया है। यानी अब सभी दफ्तरों में सिर्फ आधे कर्मचारी जाएंगे। आधे कर्मचारी घर से काम करेंगे।
कपिल मिश्रा ने बताया कि दिल्ली में 16 दिनों तक ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान का तीसरा फेज, (GRAP-3) लागू रहा। इस दौरान निर्माण कार्य बंद थे। इससे दिहाड़ी मजदूर प्रभावित हुए हैं। दिल्ली सरकार सभी रजिस्टर्ड और वेरिफाइड निर्माण मजदूरों के खातों में मुआवजे के तौर पर ₹10,000 ट्रांसफर करेगी। पूरी खबर पढ़ें…

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दिल्ली में प्रदूषण सर्टिफिकेट के बिना पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा: केवल BS-6 गाड़ियों को ही एंट्री

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने 16 दिसंबर को कहा था कि गाड़ी की वैध PUC (Pollution Under Control Certificate) यानी प्रदूषण सर्टिफिकेट के बिना 18 दिसंबर से डीजल-पेट्रोल नहीं मिलेगा। दिल्ली में दूसरे राज्यों के BS-6 गाड़ियों के अलावा सभी गाड़ियों की एंट्री बंद कर दी गई है। कंस्ट्रक्शन पर पूरी तरह रोक लगाई है, कंस्ट्रक्शन का समान ले जा रहे वाहनों के चालान किए जाएंगे। पूरी खबर पढ़ें…
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